स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी है कि देश का मीडिया स्वतंत्र, निष्पक्ष, सशक्त और जागरूक हो। आज देश में मीडिया दबाव काम कर रहा है, यह हम सब के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। लोकतंत्र में असहमति और आलोचना का महत्वपूर्ण स्थान है, इसे स्वीकार करना चाहिए। जनहित में मीडिया द्वारा की गई स्वस्थ आलोचना से सरकारों को आत्ममंथन करने और कार्यशैली में सुधार करने का मौका मिलता है। यह बातें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहीं।
वे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भवन के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य के पहले पत्रकारिता विश्वविद्यालय के लिए सरकार ने अजमेर रोड़ स्थित दहमी कलां में 1.24 लाख वर्गमीटर भूमि आवंटित की है। विवि के भवन निर्माण के लिए 328 करोड़ रुपए की परियोजना तैयार की गई है।
मेरा सपना साकार हो रहा
सीएम ने कहा कि प्रदेश में पत्रकारिता को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से पिछले कार्यकाल में मैंने हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय और विधि के क्षेत्र में डॉ. भीमराव आंबेडकर विधि विश्वविद्यालय स्थापित करने की पहल की थी। आज पत्रकारिता विवि के भवन का शिलान्यास होने से मेरा एक सपना साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार विवि को राष्ट्रीय स्तर के अग्रणी शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित करने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी। देश के बेहतर भविष्य के लिए मीडिया का मजबूत होना बेहद जरूरी है। ऐसे में इस विवि पर जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। दुर्भाग्य से पिछली सरकार के समय इन दोनों विश्वविद्यालयों को बंद कर दिया गया। हमने इन्हें एक्ट बनाकर फिर से स्थापित किया है।
पत्रकारों की लेखनी की बड़ी भूमिका रही है
सीएम गहलोत ने कहा कि देश को आजाद कराने में पत्रकारों की लेखनी की बड़ी भूमिका रही है। महात्मा गांधी जी के साथ-साथ प्रदेश के पूर्व सीएम जयनारायण व्यास, हरिदेव जोशी और जोधपुर के अचलेश्वर मामा जैसे स्वतंत्रता सेनानियों ने पत्रकार के रूप में सामाजिक चेतना जाग्रत की थी। उनकी इस भूमिका को देखते हुए मेरा सपना था कि पूर्व सीएम स्व. हरिदेव जोशी के नाम पर प्रदेश के पहले पत्रकारिता और जनसंचार विश्वविद्यालय की स्थापना हो।
तय समय से 18 महीने पहले होगा निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी इच्छा थी कि इस समारोह में प्रदेशभर के पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता और बुद्धिजीवी मौजूद रहें, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण ऐसा नहीं हो सका, इसलिए इसका वर्चुअल शिलान्यास किया जा रहा है। हालात बेहतर होने पर सभी के सहयोग और सुझावों के आधार पर इस विश्वविद्यालय को देश की अग्रणी विवि बनाएंगे। उन्होंने बताया कि पहले चरण में विवि के भवन निर्माण में 115 करोड़ रुपए खर्च होंगे। उम्मीद है कि निर्धारित समय 18 महीने पहले ही इसका निर्माण पूरा होगा और अस्थाई भवन में चल रहा यह विश्वविद्यालय नए भवन में शिफ्ट होगा।