प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया अब साफा और माला नहीं पहनेंगे। 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा की सरकार बनने तक रात का खाना भी नहीं खाएंगे। पूनिया ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि किसान और युवा विरोधी कांग्रेस सरकार को हटाने और राजस्थान में भाजपा की सरकार बनने के बाद ही मैं रात का भोजन करूंगा।
राज्य में अगले साल विधान सभा चुनाव होने हैं। ऐसे में भाजपा और पूनिया दोनों ही अपनी जमीन तैयार करने में लगे हुए हैं। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पूनिया को संगठन में कई चुनौतियो का सामना करना पड़ा है। राज्य में भाजपा दो गुटों में बटी हुई है। एक गुट पूनिया का और दूसरा पूर्व सीएम बसुंधरा राजे का है। समय-समय पर बसुंधरा गुट का विरोध पूनिया को झेलना पड़ा है।
भाजपा कार्यकर्ताओं को जाएगा बड़ा संदेश
भाजपा आला कमान ने सतीश पूनिया पर भरोसा जताते हुए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया है, लेकिन संगठन में अंदरूनी कलह और गुटबाजी कार्यकर्ताओं को प्रभावित करती रही है। कौन किसके साथ जाएगा और कौन आएगा ऐसे कई सवाल राज्य में भाजपा को निरंतर कमजोर बना रहे हैं। सतीश पूनिया को आलाकमान ने पंजाब और उत्तर प्रदेश में प्राचार की जिम्मेदारी दी गई है। गजेंद्र सिंह शेखावत को प्रभारी बनाया गया है और अर्जुन मेघवाल उत्तर प्रदेश के सह प्रभारी हैं। ऐसे में पूनिया का यह बयान भाजपा कार्यकर्ताओं को एक बड़ा संदेश देगा।