रवीना भील ने जीता 'इंदिरा प्रियदर्शनी पुरस्कार'
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पाली के मणिहारी गांव निवासी सुखाराम भील की बेटी रवीना भील को 12वीं में एसटी वर्ग में टॉप करने पर इंदिरा प्रियदर्शनी अवार्ड के लिए चुना गया है। उन्होंने मेरिट के आधार पर यह अवार्ड जीता है।
रवीना के माता-पिता मजदूरी करके अपना गुजारा चलाते हैं। रवीना ने एक लाख रुपये का इंदिरा प्रियदर्शनी अवार्ड जीत कर परिवार ही नहीं पूरे गांव का नाम रोशन करते हुए इस सफलता और उपलब्धि का श्रेय अपने शिक्षकों और माता-पिता को दिया है।
स्कूल छोड़ने की आ गई थी नौबत...
रवीना के माता-पिता मजदूरी कर गुजर बसर करते हैं। उसके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी सही नहीं होने से उसने 10वीं कक्षा से आगे पढ़ाई बंद करने का सोच ली थी। चूंकि रवीना पढ़ाई में होशियार थी, इसलिए उसके पिता और शिक्षकों ने उसे अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए मोटिवेट कर उसकी हौसला अफजाई की और उसने स्कूल नहीं छोड़ा और आगे की पढ़ाई जारी रखी।
बनना चाहती है आरएएस अफसर...
रवीना आगे और इसी प्रकार पढ़ाई कर राजस्थान प्रशासनिक सेवा में जाना चाहती है और माता-पिता का मजबूत सहारा बनना चाहती है। रवीना की पढ़ाई का जिम्मा सुमेरपुर से पूर्व विधानसभा प्रत्याशी रंजू रामावत उठा रही हैं और पूरा सहयोग कर रही हैं।