पुलिस अधीक्षक नारायण सिंह टोगस
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नागौर जिले के छावटा खुर्द गांव में खेत से रास्ता निकालने को लेकर गांव के पंचों ने किसान के खिलाफ तुगलकी फरमान जारी कर दिया कि यदि गांव का कोई भी व्यक्ति उसके घर जाएगा या उससे मिलेगा तो उस पर 51 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। पंचों के इस फरमान के चलते पूरे गांव में परिवार का जीना दुश्वार हो गया है। गांव के लोगों ने पीड़ित किसान को राशन-पानी देना भी बंद कर दिया है। पीड़ित परिवार ने नागौर जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित से न्याय की गुहार लगाई है।
मामले के अनुसार नागौर जिले के जायल उपखंड में रोल थाना इलाके के छावटा खुर्द निवासी रिद्धकरण पुत्र पूसाराम जाट के विरुद्ध गांव के पंचों ने फरमान जारी कर दिया। फरमान जारी करने का कारण सिर्फ इतना था कि किसान ने अपने खेत के बीच से रास्ता देने से इंकार कर दिया था।
रिद्धकरण का कहना है कि आरोपियों जबरदस्ती उसके खेत से रास्ता लेने के लिए उस पर दबाव बनाया। रास्ता देने से इंकार करने पर उन लोगों ने कोर्ट में आवेदन दे दी, जिससे तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर बात की लेकिन रिद्धकरण ने यह कहते हुए कि वह अपने रिहायशी घर में से रास्ता नहीं दे सकता, बात मानने से इंकार कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने उस पर जबरन दबाव बनाते हुए एक स्टाम्प पेपर से उसके साइन ले लिए और 1,35,000 रुपये देते हुए एक वीडियो भी बना लिया।
रिद्धकरण का कहना है कि वीडियो बनाने के बाद आरोपियों ने रुपये वापस ले लिए और उसके मकान की दीवार तोड़कर वहां से रास्ता निकालना शुरू कर दिया। पीड़ित ने इस संबंध में रोल थाने में मामला भी दर्ज करवाया है। इसके बाद आरोपियों ने पंचायत बुलाकर राजीनामे का दबाव डाला और मना करने पर पंचों ने गांव में पीड़ित का हुक्का पानी बंद करने का फरमान जारी कर दिया। पंचों की इस घोषणा से पीड़ित और उसका परिवार सामाजिक बहिष्कार झेल रहे हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक नारायण सिंह टोगस ने बताया कि पीड़ित का प्रकरण मेरे पास कल पहुंचा था और मैंने आरोपियों को पाबंद करवाने के निर्देश दे दिए हैं। पंचों द्वारा फरमान जारी करने का वीडियो सामने आया है। फरमान जारी करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जाएगी और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलवाया जाएगा।