युवाओं से चर्चा सत्र में अमर उजाला की टीम ने चित्तौड़ के चुनावों को लेकर यहां के युवा मतदाताओं से चर्चा की और उनके मुद्दों को समझा। प्रत्याशियों और क्षेत्र के विकास को लेकर क्या बोले मतदाता, जानिये यहां
रोजगार के मुद्दे पर विफल रही सरकार
सरकार द्वारा रोजगार के लिए चलाई जा रही योजनाएं धरातल पर विफल रही हैं, यह कहना है दीपक सिंह राठौड़ का। उनका कहना है कि चित्तौड़ और आसपास के इलाकों में कई फैक्ट्रियां हैं लेकिन फिर भी यहां के युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने रोजगार देने के जो वादे किए थे उन्हें निभाने में सरकार पूरी तरह विफल रही है।
सरकार से नई ट्रेनों की सौगात मिली
अविनाश शर्मा का कहना है कि पिछले दस सालों में शहर और रेलवे स्टेशन का विस्तृत विकास यहां के सांसद ने किया है। चित्तौड़ के रेलवे स्टेशन को एक एक्सक्लूसिव रेलवे स्टेशन बनाने की कोशिश सरकार ने की है। साथ ही यहां की पहचान चित्तौड़ का किले में पर्यटन को बढ़ाने के लिए वर्तमान सांसद ने कई कार्य करवाए हैं।
राम नहीं, रोजगार के नाम पर चुनाव लड़े भाजपा
आसाराम घाटी का कहना है कि सरकार धर्म के नाम पर युवाओं को गुमराह करना बंद करे। युवाओं के लिए भाजपा ने कभी नहीं सोचा। रोजगार के नाम पर चुनाव लड़ने की बजाय सरकार राम के नाम पर चुनाव लड़ रही है।