फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोटा: सरकारी डॉक्टर और पीए ने रिश्वत में ली थी घड़ी और जर्किन, तीन साल की मिली सजा

Sat, 07 Aug 2021 01:57 AM IST
Kuldeep Singh पीटीआई, कोटा

सार

  • एसीबी कोर्ट अशोक जोशी ने कहा कि अदालत ने प्रत्येक पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया
  • कोर्ट ने कहा, एक ऑन-ड्यूटी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत लेना है गंभीर अपराध 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एक अदालत ने शुक्रवार को एक सेवानिवृत्त सरकारी डॉक्टर और उसके पीए को कोटा सेंट्रल जेल से एक हत्या के आरोपी कैदी को स्थानांतरित करने की सिफारिश करने के लिए रिश्वत लेने के आरोप में तीन साल जेल की सजा सुनाई। 12 साल पहले 2009 से यह मामला चल रहा है।

विज्ञापन


चूंकि जेल की अवधि चार साल से कम है, इसलिए दोषियों को एक महीने के भीतर ऊपरी अदालत में फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए जमानत पर मौका दिया गया था। एसीबी अदालत ने जून में कोटा सेंट्रल जेल में ड्यूटी पर डॉक्टर अजय सक्सेना (62) और उनके निजी सहायक जुगराज (36) को एक महिला की कलाई घड़ी और एक जर्किन को उनके क्लिनिक में रिश्वत के रूप में लेने के आरोप में तीन साल जेल की सजा सुनाई थी।

सहायक निदेशक अभियोजन 2009 (एडीपी), एसीबी कोर्ट अशोक जोशी ने कहा कि अदालत ने प्रत्येक पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस मामले में कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए लिखा, बंदियों की सार संभाल की जिम्मेदारी जेल प्रशासन की होती है। लेकिन जेल अधिकारी-कर्मचारी द्वारा अपने विधिक एवं नैतिक कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही बरतकर विधि पूर्ण रूप से निर्वहन नहीं किया जा रहा, जो वर्तमान समय में गंभीर चिंतन का विषय है।
विज्ञापन


जोशी ने कहा कि एक ऑन-ड्यूटी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत की स्वीकृति को एक गंभीर अपराध करार दिया। एसीबी कोर्ट के न्यायाधीश प्रमोद कुमार मलिक ने शुक्रवार को सक्सेना और उनके निजी सहायक जुगराज को दोषी ठहराया और दोनों को तीन साल जेल की सजा सुनाई। .

अदालत ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है कि जेल में कैदियों के प्रति अधिकारियों द्वारा घोर लापरवाही और कर्तव्य का पालन न करने के मामले बढ़ रहे हैं और इस तरह की भ्रष्ट प्रथाओं को रोकने के लिए उपाय किए जाने की जरूरत है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें