राजस्थान के जोधपुर के भूंगरा गांव में हुए सिलेंडर विस्फोट में 35 लोगों की मौत पर प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जाताया है। पीएम मोदी ने सांग सिंह को पत्र लिखकर अपनी संवेदना प्रकट की। सांस सिंह को भेजे पत्र में पीएम ने लिखा कि परिवार में एक साथ इतने लोगों को खोने की पीड़ा कितनी हृदय विदारक होगी, यह मैं समझ सकता हूं। इस अपूरणीय क्षति की व्यथा को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।
पीएम मोदी ने लिखा- एक अत्यंत दुःखद हादसे में आपके परिवार के सदस्यों के निधन के बारे में जानकर बहुत दुःख हुआ। इस कठिन घड़ी में मेरी संवेदनाएं परिवार के साथ हैं। परिवार में एक साथ इतने लोगों को खोने की पीड़ा कितनी हृदय विदारक होगी, यह मैं समझ सकता हूं। इस अपूरणीय क्षति की व्यथा को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। आपने जिन परिजनों को इस त्रासदी में खोया है, उनसे जुड़ी स्मृतियां परिवार के साथ बनी रहेंगी। इस हादसे में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह आपको इन कठिन परिस्थितियों का सामना करने का धैर्य व संबल प्रदान करें।
सिलेंडर ब्लास्ट हादसे में झुलसे सात मरीज अब भी महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती हैं। हालांकि, दूल्हे सुरेंद्र सिंह सहित सभी को आईसीयू से सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। राज्य सरकार के अलावा प्रधानमंत्री सहायता कोष से मृतकों के परिजनों को दो 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है।
आठ दिसंबर को क्या हुआ था?
भूंगरा गांव में 8 दिसंबर को शक्ति सिंह के बेटे सुरेंद्र सिंह की बारात खोखसर जानी थी। शादी समारोह में शामिल होने के लिए 300 लोगों की भीड़ जुटी थी। बारात निकलने की तैयारी थी, लोग तैयार हो रहे थे। घर में महिलाओं और बच्चों सहित लोगों की भीड़ थी। चार बजे बारात निकलने का समय तय किया गया था। इससे पहले बारातियों के लिए चाय बनाई जा रही थी। इस दौरान अचानक सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया, धमाके के साथ गैस और आग पूरे घर में फैल गई।
महिलाएं और बच्चों सहित कुछ लोग आग से घिर गए। महिलाओं और बच्चों को बचाने कुछ लोग जलती आग के बीच से अंदर गए, इस दौरान वह भी झुलस गए। कुछ लोग जलते हुए घर के अंदर से बाहर निकले, यह देखकर हर कोई दंग रह गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि हर कोई अंदर जाने की हिम्मत नहीं दिखा पा रहा था। हादसे में पांच लोगों की मौत उसी दिन हो गई, जबकि दूल्हे और उसके माता-पिता सहित 55 लोग झुलस गए थे। जिनमें से अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है। सात अस्पताल में अभी भी भर्ती हैं। वहीं 13 लोगों को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।