राजधानी जयपुर पहुंचे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि भारत में चरित्र आदमी को बनाता है। दुनिया में ऐसा देश बताइए, सभ्यता बताइए और समाज बताइए जो सबको स्वीकार करता है, सबका सम्मान करता है और सबको लागू भी करता है। मुझे लगता है कि भारत के अलावा पूरी दुनिया में ऐसा कोई दूसरा देश नहीं है। यह विशेषता इसलिए है, क्योंकि हम भारतीय-हिंदुस्तानी इंडियन हिंदू हैं। अगर हम इन शब्दों से बंधे नहीं होते तो हमारी गिनती भी फर्स्ट में नहीं होती, पीछे बैठे हुए होती। हिंसा से भरे हुए लोगों में अगर दुनिया से कोई भी आया, हमने उसको भी जगह दी। इस्लाम आया उसको भी जगह दी, भारत वह धरती है, जो सोने की चिड़िया कहलाया और आज तक भारत को ही सोने की चिड़िया कहते हैं।
इंद्रेश कुमार ने कहा, दुनिया के विद्वान भारत के लिए लिखते है, क्यों दुनिया के किसी देश के बारे में
नहीं लिखा गया कि यहां का अतिथि देवो भव: कमाल का है। चाहे महल में जाओ या फिर सामान्य मकान में जाओ, प्रारंभ में अंदर से पानी आता है। हाथ और पैर धुलते हैं और अंत में भोजन के बाद फिर पानी आता है। भारत देश एक जीवन प्रणाली है, जिससे बनती है। इंद्रेश बोले कि पूरी दुनिया में सिर्फ हमने ही सबको जगह दी और इतना ही नहीं उनके इबादत के लिए भी जगह दी। यह किसी और ने नहीं हिन्दू राजा ने किया। आज मुसलमानों को हमारा शुक्रिया करना चाहिए, हमें तो प्रकृति ने नफरत करना सिखाया नहीं, दूसरों ने मजबूर किया। अब हिंदुस्तान को रिवाइव होने की जरूरत है। गाना तो सब गा लेते हैं कि मजहब नहीं सिखाता, आपस मैं वैर करना...परंतु हिंदुस्तान में पॉलिटिकल फैशन है, जिसमें जकड़न है।
इंद्रेश कुमार ने कहा कि 75 साल में मुसलमान अभी हिंदुस्तानी नहीं हुआ, यह दुर्भाग्य है और जब तक मुसलमान रहेगा, तब तक समस्या रहेगी। जब हिंदुस्तानी और भारतीय हो जाएंगे, मुसलमान तो तुम्हारे सब रोग खत्म हो जाएंगे। देश से भी कैंसर जैसे विषय खत्म हो जाएंगे। इंद्रेश बोले कि लोग कहते हैं कि खाली हाथ आए थे। खाली हाथ जाएंगे, परंतु बीच में तो मेरे हाथ भरे हुए थे, जिन्होंने सबको दिया वो याद नहीं हैं।
इंद्रेश बोले कि कभी यह नहीं उठाता वाल्मीकि, राधा स्वामी सत्संग, फार्सियों का क्या होगा सवाल नहीं होता। एक ही प्रश्न उठता है कि मुसलमान का क्या होगा? हर चीज में एक प्रश्न खड़ा होता है मुसलमान का क्या होगा। सारे हिंदुस्तानियों का क्या होगा, यह प्रश्न खड़ा नहीं होता। हिंदुस्तान में अन्य मत बनते थे, उनका क्या होगा। कभी प्रश्न खड़ा नहीं होता है, प्रश्न एक ही खड़ा होता है इसका मतलब है कि उसके उत्तर में जो रोग है, वह पालिटिक्ल रोग है। इसके कारण देश की एकता और अखंडता को खतरे में डाला गया है। यह बीज इतना विकराल था। साल 1947 में जिस एकता और अखंडता के लिए स्वतंत्रता संग्राम लड़ा गया था, उसका पतन हो गया और उसकी इज्जत लुट गई है। अंग्रेज चाहते थे नेहरू और जिन्ना वार्ता के लिए आ जाएं दोनों मेन्यू प्लेट थे। एक ने मजहब के नाम पर पाकिस्तान ले लिया और दूसरे ने मजहब के नाम पर हिंदुस्तान दे दिया।
सुभाष को मान्यता मिल जाती तो यह प्रश्न खड़ा नहीं होता और देश का बंटवारा नहीं होता। साल 2023 के 15 अगस्त को कश्मीर घाटी में इस जम्मू क्षेत्र के अंदर आठ लाख तिरंगा लहराया, जिन्होंने तिरंगा जलाया था, जिन्होंने तिरंगे पर थूका, जिन्होंने तिरंगे को फाड़ा था, जिन्होंने तिरंगे को पैरों के कुचला था, जो इंडियन डॉग्स गो बैक कहते थे, जो हम सबको कुत्ता कहते थे। सरेआम कहते थे, हमने उनको भी नकारा नहीं, आज वही है जहा तिरंगा लहराया जाता है।
देश में 1528 में बाबर के कहने पर आमिर बाकी ने तोप के साथ अयोध्या के महल उड़ाए थे। अयोध्या के महल जिसने उड़ाए थे, हमें 495 साल लगातार लगे 1528 की दुर्घटना से मुक्त होने के लिए। पांच लाख से अधिक लोग बलिदान हुए, जिनकी गिनती हुई और आखिरी जंग जब यह ढांचा गिरा तो वहीं मंदिर बना। उन चीजों को पूरा करने में अवसर सामने आ रहा है। हिंसा से काम नहीं चलेगा, प्रेम से काम चलेगा, चरित्र की शक्ति से काम चलेगा।
हम करेंगे तो लोग मानेंगे, जिस जम्मू कश्मीर के अंदर दो झंडा था, दो संविधान थे। वहां आज एक संविधान हो गया। ज्ञानवापी को लेकर कहा कि कोर्ट में लड़ाई चली, संवाद से फैसला नहीं हो रहा था, कोर्ट से फैसला आ गया। पसंद है या नहीं करना ही होगा। इंद्रेश बोले कि आज तक जितने मुगल बादशाह हुए किसी एक का नाम बता दो इन स्थानों पर नमाज पढ़ने गया। इन स्थानों पर किसी एक मौलाना का मौलवी का शादी का मुफ्ती का तारीख का नमाज का बता दो। एक मुसलमान नेता बता दो जो चुनाव में वोट मांगने के लिए मथुरा भी गए, काशी में हाजिरी लगाई हो। इस्लाम में कहीं नहीं लिखा की चार शादियां करो, जो यह कहते हैं झूठ बोलते हैं।
इंद्रेश कुमार बोले, अब भारत का विभाजन नहीं होगा। पाकिस्तान टूट रहा है, सब प्रार्थना करो कि जल्दी से मुक्ति हो। प्रार्थना करने में आपका क्या बिगाड़ता है। यही होगा कि आपने थोड़ी सी हिम्मत दिखाई, आपकी जीवन में आपकी आंखों के सामने हो सकता है।