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Rajasthan Election: राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा की दो टूक; संगठन पदाधिकारियों में पसरा सन्नाटा, कही ये बात

Mon, 17 Jul 2023 06:16 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

ड्डा ने सीपी जोशी को निर्देशित किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन के समय ध्यान दिया जाए कि उम्मीदवार संगठन का पदाधिकारी नहीं होना चाहिए। 
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JP Nadda - फोटो : Social Media
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विस्तार
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एक दिवसीय दौरे पर रहे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने जयपुर सभा के बाद पदाधिकारियों और कोर कमेटी से मुलाकात में स्पष्ट किया कि टिकट की उम्मीद न रखें पदाधिकारी। 

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'नहीं सहेगा राजस्थान' अभियान की शुरुआत करने जयपुर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने चंदन वाटिका में आमसभा को संबोधित करने के बाद होटल क्राउन प्लाजा में भाजपा के पदाधिकारियों और कोर कमेटी के साथ अलग-अलग बैठक की। 

जानकारी के अनुसार भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने कार्यक्रम में अपेक्षित भीड़ नहीं आने पर नाराजगी जताई। उक्त कार्यक्रम के लिए भाजपा की प्रदेश इकाई ने 30 हजार की भीड़ का दावा पेश किया था, जो वास्तविकता में इसकी आधी भी नहीं जुट पाई। सूत्र बताते हैं कि नड्डा इस पर चिंतित और नाराज नजर आए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी को साफ़ निर्देशित किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार चयन के समय ध्यान दिया जाए कि उम्मीदवार संगठन का पदाधिकारी नहीं होना चाहिए। नड्डा ने स्पष्ट किया है कि पार्टी आलाकमान पदाधिकारियों को टिकट देने का पक्षधर नहीं है।
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पार्टी के लिए समर्पित रहकर काम करें
जेपी नड्डा ने कहा कि जब पार्टी आपको जिताने के लिए जान लगा देती है तो आप पार्टी को जिताने के लिए अपना सब कुछ क्यों नहीं लगा सकते। पार्टी ने सबको बनाया है तो जब पार्टी को जरूरत हो तो आपको भी पार्टी के लिए तैयार रहना होगा। नड्डा ने कहा है कि पार्टी के पदाधिकारियों को चाहिए कि वो संगठन को मजबूत करें और पार्टी के लिए समर्पित रहकर काम करें।

एक तीर से दो निशाने
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के कहने से पार्टी कार्यकर्ताओं में सन्नाटा पसर गया है, जो भी कार्यकर्ता संगठन में पद के लिए लालायित नजर आ रहे थे उन्होंने चुप्पी साध ली है। कहा जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष की नसीहत से एक तीर से दो निशाने लगे हैं। एक जो पार्टी पदाधिकारी नहीं बनाए जाने से नाराज थे, उनको शांति मिल गई है। दूसरा जो पदाधिकारी बना दिए गए हैं, अब वो सिर्फ संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे और टिकट के जुगाड़ में लगना बंद कर देंगे। 
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साथ ही बड़े नेताओं को भी राहत मिलेगी, जिनको कार्यकर्ताओं की नाराजगी सहनी पड़ती थी।

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