भरतपुर रेंज के डीग जिले के कामां थाना इलाके में एक महिला ने कूड़े के ढेर के पास एक बच्चे को जन्म दिया। महिला की तीन बच्चे उसके साथ थे। जब राहगीर दंपति ने महिला को दर्द से चिल्लाते हुए देखा तो उन्होंने रुककर अखबार और घासफूस की सहायता से महिला की डिलीवरी करवाई और बाद में उसे कामां अस्पताल में भर्ती करवाया गया। महिला ने अपना नाम साहूनि और पति का नाम जाकिर बताया है।
महिला ने बताया कि वह घाटी खानपुर से कामां आई है लेकिन वह यह नहीं बता पा रही कि वह यहां तक कैसे आई है और उसके परिवार के लोग कहां हैं। फिलहाल महिला और उसका बच्चा स्वस्थ है। राहगीर एडवोकेट संजय कुमार ने बताया कि वे अपनी पत्नी के साथ अपनी बहन को छोड़ने कोसी चौराहे पर गए थे। कोसी चौराहे के पास एक महिला सड़क पर जोर-जोर से चिल्ला रही थी और रो रही थी। वहां जाकर देखा तो महिला के प्रसव का दर्द हो रहा था, जिसके बाद संजय की पत्नी ने महिला का प्रसव करवाया और एम्बुलेंस को फोन करके महिला और उसके बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल महिला की हालत स्वस्थ है। अस्पताल के कर्मचारी महिला से बात करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे उसके परिवार के लोगों से संपर्क किया जा सके।