कोरोना वैक्सीन खत्म होने से निराश लौट रहे लोग
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भरतपुर में जैसे-जैसे कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे लोग कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। लेकिन लोगों को अस्पताल से निराश लौटना पड़ रहा है। क्योंकि अस्पताल में वैक्सीन ही नहीं हैं। जिले में रविवार को 52 कोरोना के मरीज सामने आए थे। इस समय जिले में 62 कोरोना के केस एक्टिव हैं।
बता दें कि 12 से 14 साल के बच्चों को लगने वाली वैक्सीन 31 अक्टूबर 2022 को ही खत्म हो गई थी। कोविड शील्ड 10 फरवरी 2023 को खत्म हो गई थी और को-वैक्सीन 31 मार्च 2023 को खत्म हो गई थी। उसके बाद से अस्पताल में वैक्सीन नहीं आई।
रोजाना 100 से 125 लोग कोरोना की डोज लगवाने के लिए अस्पताल में आ रहे हैं, लेकिन कोरोना की वैक्सीन नहीं लगने के कारण उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। इसमें ज्यादा उन लोगों को परेशान होना पड़ रहा हैं, जो हज की यात्रा पर जा रहे हैं।
बढ़ते कोरोना के मरीजों की संख्या से स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। आरबीएम अस्पताल में सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं, जिसको लेकर आरबीएम सुप्रिडेंट जिज्ञासा साहनी ने बताया, कोरोना वार्ड को खोल दिया गया है, जिसमें 44 बेड लगे हुए हैं। इसके अलावा भी अस्पताल में 380 ऑक्सीजन बेड मौजूद हैं। जरूरत पड़ने पर उनका भी इस्तेमाल किया जाएगा। ऑक्सीजन की भी पर्याप्त मात्रा में सप्लाई है। ऑक्सीजन सिलेंडर भी मौजूद हैं, और पांच ऑक्सीजन प्लांट भी सुचारू रूप से चल रहे हैं। इसके अलावा दवाएं और सभी उपकरण मौजूद हैं।
वैक्सीन हुई खत्म...
वैक्सीनेशन प्रभारी अमर सिंह सैनी ने बताया, 31 मार्च को को-वैक्सीन खत्म हो गई, उसके बाद से कोई वैक्सीन नहीं आई। कोविड शील्ड तीन से चार महीने पहले खत्म हो गई थी। वैक्सीन न तो राजस्थान सरकार के पास है और न ही भारत सरकार के पास है। कुछ हाजियों को वैक्सीन चाहिए थी, जिसको लेकर राजस्थान सरकार को वैक्सीन के लिए लेटर लिखा गया है।