अबोहर में मलोट रोड पर मंगलवार सुबह एक तेल टैंकर की चपेट में आने से एक बाइक पर जा रहे सगे बहन-भाई सहित तीन लोगों की मौत हो गई। इस दुघर्टना में बाइक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। वहीं सूचना मिलते ही थाना नं. 1 की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तीनों शवों को सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। मृतकों में दो सगे बहन भाई हनुमानगढ़ निवासी थे जबकि तीसरा अबोहर निवासी उनके मामा का बेटा था। घटना की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों के परिजन सरकारी अस्पताल पहुंचे और मृतकों की पहचान की।
मृतक 28 वर्षीय सुरेंद्र के पिता राम प्रकाश ने बताया कि उसकी एक बहन वार्ड नं. 17 लोहिया कालोनी हनुमानगढ़ में विवाहित है। उसका बहनोई टेक चंद टैक्सी चलाता है। राम प्रकाश ने बताया कि मंगलवार को टेक चंद अपनी टैक्सी में सवारियां लेकर हनुमानगढ़ से जलालाबाद के नजदीक लाधुका मंडी जा रहा था। इसी दौरान वह अपनी 26 वर्षीय बेटी पूजा और 16 वर्षीय बेटा नवीन को अबोहर में छोड़ने के लिए साथ ले आया। राम प्रकाश ने बताया कि टेक चंद ने पूजा और नवीन को मलोट चौक पर छोड़ दिया और सवारियां लेकर लाधुका मंडी चला गया। वहीं उसका 28 वर्षीय बेटा सुरेंद्र अपनी बाइक से नवीन और पूजा को मलोट चौक से लेकर घर की ओर आ रहा था। नागपाल पेट्रोल पंप के सामने एक तेल टैंकर ने इन तीनों को अपने चपेट में ले लिया, जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। राम प्रकाश ने बताया कि घटना का पता चलते ही वह मौके पर पहुंचा और लाधुका मंडी गए अपने बहनोई को घटना के बारे में सूचित किया।
घटना का पता चलते ही थाना नं. 1 के प्रभारी मौके पर पहुंचे और तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचाया। तेल टैंकर को कब्जे में लेते हुए उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है। इधर, हनुमानगढ़ निवासी दोनों बहन भाई के अन्य परिजन भी अबोहर सरकारी अस्पताल पहुंचे तथा टेक चंद और राम प्रकाश को ढांढस बंधाया।
राम प्रकाश ने ही अपनी बहन को गोद दिए थे पूजा और नवीन
मलोट रोड पर हुई सड़क दुर्घटना का सबसे दुखद पहलू यह है कि इस घटना में मारे गए बहन-भाई पूजा और नवीन भी राम प्रकाश के ही बेटा और बेटी हैं जो रामप्रकाश ने अपनी हनुमानगढ़ निवासी बहन को गोद दिए थे क्योंकि शादी के कई वर्ष बाद भी उसकी बहन के घर कोई संतान नहीं हुई थी।
सरकारी अस्पताल में बिलख-बिलख कर रोते हुए राम प्रकाश इलाहाबादी ने बताया कि वह मूल रूप से गांव चन्नखेड़ा का निवासी है और अबोहर के वाहे गुरु कालेज में चौकीदारी का कार्य करता है। उसने बताया कि उसके घर तीन बेटे और तीन बेटियों ने जन्म लिया। हनुमानगढ़ निवासी उसकी बहन के घर शादी के कई वर्ष बाद भी जब कोई बच्चा नहीं हुआ तो उसने अपने एक बेटा नवीन और बेटी पूजा अपनी बहन को गोद दे दिए। इन दोनों का पालन पोषण उसकी बहन ने अपने बच्चों के रूप में किया और उसके बाद से ही यह दोनों बच्चे मुझे मामा कहते थे।
फूट-फूट कर रोते हुए राम प्रकाश ने बताया कि उसे क्या पता था कि उसकी बहन की किस्मत में संतान का सुख लिखा ही नहीं। राम प्रकाश ने बताया कि इस घटना से उसका हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। दो बेटियां ब्याह कर अपने घर चली जाएंगी और घर पर जो तीसरा बेटा है वह मानसिक रूप से कमजोर है। घटना में मारे गए उसके बेटे सुरेंद्र ने कुछ माह पहले ही पटेल पार्क के पास इनवर्टर और बैटरी की दुकान खोली थी।