सुनाम में पत्रकारों से बात करते मंत्री अमन अरोड़ा।
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जीरा में शराब फैक्टरी हटाने को लेकर सरकार और किसानों के बीच पनपे विवाद के बीच कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि जीरा में शराब फैक्टरी बंद करवाने को लेकर चल रहा आंदोलन नाजायज है। फैक्टरी संचालकों के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत अन्य विभागों की क्लीयरेंस है। सोमवार को सुनाम में आईटीआई को अपग्रेड करने का नींव पत्थर रखने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार पर करीब बीस करोड़ रुपये का जुर्माना लगा दिया है। यह बोझ आखिर जनता पर पड़ेगा।
कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने धरनाकारियों से कहा कि तथ्यों समेत प्रमाणित किया जाए कि फैक्टरी से प्रदूषण होता है या आंदोलन को खत्म किया जाए। सिर्फ माहौल को खराब करने के लिए धरना देना उचित नहीं है। पंजाब में यदि माहौल खराब करके फैक्टरियों को बंद करवाया गया तो नए यूनिट यहां स्थापित नहीं हो सकेंगे। उद्योगपति राज्य में इंडस्ट्री लगाने से पीछे हटेंगे। जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान बड़ी इंडस्ट्री को पंजाब में लाने के लिए चेन्नई व हैदराबाद गए हैं। इससे पंजाब में युवाओं को रोजगार नहीं मिल पाएगा और पंजाब की आर्थिकता कमजोर हो जाएगी।
283 प्रदर्शनकारियों पर केस, 37 गिरफ्तार
पंजाब पुलिस ने जीरा में चल रहे धरने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। रास्ते में पुलिस की गाड़ियां रोकने व यातायात जाम करने के आरोप में 283 प्रदर्शनकारियों पर मामला दर्ज किया है और 37 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। एसएसपी कंवरदीप कौर का कहना है कि फैक्टरी के सामने धरना शांतिपूर्वक चल रहा है। दो रास्ते लोगों के आने-जाने के लिए खुले रखे गए हैं, जो धरने में चल रहे अखंड पाठ में माथा टेक सकते हैं। बाकी जीरा के कुछेक जगहों पर धारा 144 लगाई गई है। किसी के साथ जबरदस्ती नहीं की जा रही है। उन्हीं प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है जिन्होंने जीटी रोड का यातायात प्रभावित किया और पुलिस की गाड़ियां रोकी। हाईकोर्ट के आदेशों का पालन किया जा रहा है।