धुरी में प्रियंका गांधी ने लखीमपुर खीरी की घटना का जिक्र कर भाजपा को घेरा
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस को वोट देना पंजाब व पंजाबियत को वोट देना है। रविवार को धूरी में कांग्रेस प्रत्याशी दलवीर सिंह गोल्डी के समर्थन में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि उनकी शादी पंजाबी परिवार में हुई है और उन्हें गर्व है कि उनके बच्चों की रगों में पंजाब का खून दौड़ता है। सेवा व सच्चाई जैसी पंजाब की परंपराओं को पति के परिवार से सीखा है। उन्होंने कहा कि पंजाबियत में सेवा ही सर्वोपरि है और कांग्रेस इसी सोच पर चल रही है। मतदान से पहले राजनीतिक दलों की नीयत की समीक्षा जरूर करें। उन्होंने कैप्टन पर सीएम रहते हुए भाजपा से सांठगांठ के भी आरोप लगाए।
प्रियंका ने कहा कि सीएम चन्नी की सरकार ने 111 दिन में प्रशंसनीय कार्य किए हैं। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों को कुचलने की घटना का जिक्र करते उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री के बेटे की गाड़ी से 6 किसानों की निर्मम हत्या कर दी गई और अब उसे जमानत दे दी गई है। तब ये सियासी दल कहां थे। पंजाब के लोग इन हत्यारों को कभी माफ नहीं करेंगे। कांग्रेस ने सेवा भाव की सियासत की है, जबकि कुछ लोग केवल सत्ता को अपने हाथों में रखने की सियासत कर रहे हैं। आप पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में कुछ नहीं हुआ है। विकास के दावे झूठे हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह की नीयत पर सवाल उठाते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्हें एहसास होने लगा था कि पंजाब में ठीक नहीं हो रहा है। जनता को समर्पित कांग्रेस सरकार की केंद्र में भाजपा से सांठगांठ के स्पष्ट संकेत मिलने लगे थे। ऐसे में मुख्यमंत्री को बदलना लाजिमी हो गया था। चन्नी सरकार कांग्रेस व जनता की उम्मीद पर खरा उतरी है। उन्होंने कहा कि भले ही पंजाब कांग्रेस के नेताओं में थोड़ी लड़ाई हो, लेकिन सभी नेता पंजाब को समर्पित हैं। सीएम चन्नी ने सांसद भगवंत मान को चुनौती देते कहा कि अपने संसदीय क्षेत्र में विकास के एक भी प्रोजेक्ट का नाम बताएं। रैली में नवजोत सिंह सिद्धू, सुनील जाखड़ सहित अन्य नेता उपस्थित थे।
एक तीर से कई निशाने साध गईं प्रियंका गांधी
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने धुरी रैली में एक तीर से कई निशाने साधे। मंच पर बैठे नवजोत सिंह सिद्धू के सामने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की जमकर तारीफ कर प्रियंका ने सिद्धू के आए दिन उग्र होते तेवरों को कमजोर करने का प्रयास किया। ससुराल परिवार के पंजाबी होने का हवाला देकर पंजाब से भावनात्मक रिश्ता जोड़ा। साथ ही उन्होंने अपने पिता राजीव गांधी के सहपाठी रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह को भी घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। प्रियंका ने मंच से मुख्यमंत्री रहते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह की केंद्र की भाजपा सरकार से सांठगांठ का आरोप लगाया और सीएम बदलने के फैसले को उचित बताया। किसान वोट बैंक को साधने के लिए उन्होंने दिल्ली किसान आंदोलन में साढे़ सात सौ किसानों की शहादत और लखीमपुर खीरी में किसानों की निर्मम हत्या का मुद्दा उठाया। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस जज्बातों से खेलने की राजनीति नहीं करती है बल्कि सच्चाई के आधार पर वोट मांग रही है।