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इस बार किसानों ने मनाई अनाज मंडी में व फीकी दीपावली

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राजपुरा। पंजाब के ज्यादातर परिवारों के लिए इस बार की दिवाली खुशियां कम ओर गम ज्यादा लेकर आई है। कृषि प्रधान राज्य होने के कारण राज्य के सभी परिवार किसी न किसी तरह से खेती से ही जुड़े है। आढ़तियों से लेकर छोटे खेत मजदूर पूरा साल खेती के माध्यम से अपनी गुजर बसर करते हैं और राज्य का किसान फसल को बच्चों की तरह पालता है।
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इस बार धान की फसल ने किसानों की कमर तोड़ दी है। पिछले एक माह से कुछ किसान अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों में धक्के खा रहे हैं। कुछ किसान सरकारी एजेंसियों की बेरुखी को देखते हुए फसल की बिक्री का इंतजार कर रहे हैं। धान में नमी बढ़ने से सरकारी एजेंसियों ने धान को खरीदने से मना कर दिया था। किसानों का दावा है कि मौसम में नमी के चलतेही धान में नमी बढ़ रही है और उसका रंग लगातार बदल रहा है।
अबकी किसानों पर तिहरी मार पड़ी है। पहले मौसम की बेरुखी के चलते किसानों की पौध खराब हो गई। उसके बाद शैलर मालिकों, सरकार की देरी और सरकारी एजेंसियों के बीच एग्रीमेंट को लेकर खरीदारी बंद रही। उसके बाद बारिश से नमी की मात्रा बढ़ जाने से खरीदारी में कमी हो गई। इससे किसान टूट चुका है। फसल न उठने के कारण ज्यादातर किसानों की जेब खाली हैं। दिवाली राज्य का सबसे लोकप्रिय त्योहार है।
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क्या कहते है किसान
किसान बलविंद्र सिंह ने बताया कि वह जब मंडी में अपनी फसल लेकर आया तो उसमें नमी 18 फीसदी थी। मौसम की बेरुखी में खुली पड़ी होने के कारण उसकी फसल में नमी बढ़ गई अगर उसकी फसल को सही समय पर उठा लिया जाता तो ऐसा नहीं होता। ऐसे में गलती किसान की नहीं बल्कि खरीद एजेंसियों की है। गुरनाम सिंह और किसान अमरीक सिंह ने कहा कि सरकार ने किसानों की सुध नहीं ली तो जल्द सरकार को इसका भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि किसान तो अपनी दिवाली सूखी मना चुका है पर इस प्रकार किसानों के साथ अन्याय किया जाता रहा तो किसान चुप नहीं बैठेगा।
क्या कहते है मार्केट कमेटी के सुपरिटेंडेंट
मार्केट कमेटी के सुपरिंटेंडेंट गुरमीत सिंह से बात करने पर उन्होंने बताया कि खरीद फरोख्त का काम तेजी से चल रहा है मंडियों में सरकारी एजेंसियों ने ज्यादातर धान खरीद ली है लिफ्टिंग की रफ्तार में तेजी है। कुछ किसानों की फसल में नमी की मात्रा ज्यादा है। अगर फसल में नमी ज्यादा है तो वह कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि वह डीसी के आदेशों के मुताबिक नमी देखकर धान की फसल खरीद रहे हैं।
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