पटियाला। पंजाब की चन्नी सरकार के खिलाफ प्रदेश के विभिन्न सरकारी व अर्ध सरकारी विभागों के चौथा दर्जा मुलाजिमों ने वीरवार को जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स में रैली की।
इस मौके रेगुलराइजेशन एक्ट 2021 में बेइंसाफी करने के आरोप लगाते कहा गया कि सभी आउटसोर्स और पार्ट टाइम कर्मचारियों को इस कानून से बाहर निकाल दिया है। साथ ही एतराज जताया कि यह नया कानून बोर्डों, कारपोरेशनों, नगर निगमों व नगर काउंसिलाें समेत परिषदों पर लागू नहीं होगा। प्रदर्शन के बाद डीसी के जरिए सीएम चरनजीत सिंह चन्नी, मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवाड़ी के नाम ज्ञापन सौंपे गए। एलान किया गया कि 17 नवंबर को वित्त मंत्री को मांग पत्र देने के लिए उनके विधानसभा हलके बठिंडा में जोनल रैली व प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही ही 25 नवंबर को सीएम की रिहायश मोरिंडा में रैली व प्रदर्शन करने और इसके बाद डिप्टी सीएम व मंत्रियों के हलकों में झंडा मार्च करने का भी एलान किया गया।
इस मौके पर मुलाजिम नेताओं दर्शन सिंह लुबाना, रणजीत सिंह राणवा ने अपने संबोधन में आरोप लगाया कि चन्नी सरकार ने रेगुलराइजेशन एक्ट-2021 में सफाई सेवकों, सीवरमैनों, कच्चे कर्मियों व चौथा दर्जा मुलाजिमों साथ बेइंसाफी की है। सभी आउटसोर्स व पार्ट टाइम कर्मियों को इस कानून से बाहर निकाल दिया है। यही नहीं नौकरियों से फारिग किए कोरोना योद्धाओं को भी काम पर वापस नहीं लिया। पुनर्गठन दौरान खत्म किए चौथा दर्जा कर्मचारियों के पद बहाल नहीं किए गए।
रैली के बाद बड़ी गिनती में मुलाजिम मार्च निकालते हुए पटियाला-नाभा रोड पर पहुंचे और वहां ट्रैफिक को जाम करके जोरदार प्रदर्शन किया।