पटियाला। पंजाब फेडरेशन आफ यूनिवर्सिटी एंड कालेज टीचर्स आर्गेनाइजेशन के आह्वान पर सोमवार को पंजाबी यूनिवर्सिटी में वीसी दफ्तर के आगे यूनिवर्सिटी के अध्यापकों ने धरना दिया। सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक दिए इस धरने में सातवें यूजीसी ग्रेड लागू करने और तनख्वाह डी लिंक के फैसले को रद्द करने की मांग की गई। धरने में पंजाब सरकार के अध्यापकों की मांगों के प्रति अड़ियल रवैये की निंदा करते हुए जोरदार नारेबाजी की गई।
इस मौके पंजाबी यूनिवर्सिटी अध्यापक संघ के प्रधान डा. भुपिंदर सिंह विर्क ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से लिया गया यह फैसला बेहद निंदनीय है और यह सरकार का उच्च शिक्षा के प्रति नकारात्मक रवैया दिखाता है। उच्च शिक्षा के आईएएस अफसर सातवें पे कमीशन के हिसाब से तनख्वाहें ले रहे हैं। इस कारण वह इस मसले के प्रति ध्यान देना जरूरी नहीं समझते हैं। यूनिवर्सिटी के अध्यापकों के पे स्केल यूजीसी के नियमों के मुताबिक बनते हैं, लेकिन पंजाब सरकार ने अभी तक इस संबंधी कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया। पुटा सचिव सुखजिंदर सिंह बूटर ने कहा कि जरूरत पड़ी, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। तब तक आवाज उठाई जाती रहेगी, जब तक सरकार मांगों को पूरा नहीं करती है।