रोजगार की मांग को लेकर शनिवार को मुख्यमंत्री के मोती महल का घेराव करने जा रहे बेरोजगार एचटी (हेड टीचर) अध्यापकों को पुलिस ने शेरां वाला गेट पर ही रोक लिया। इससे भड़के अध्यापकों ने चौक में ही प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।
शनिवार को एक हजार 558 एचटी सीधी भर्ती वेटिंग अध्यापक यूनियन के सदस्यों ने पहले बस स्टैंड के नजदीक नेहरू पार्क में रोष रैली की। इसके बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे मुख्यमंत्री की रिहायश मोती महल का घेराव करने के लिए रोष मार्च शुरू किया। मार्च करते हुए बेरोजगार अध्यापक जैसे ही शेरां वाला गेट पर पहुंचे, तो वहां खड़ी पुलिस फोर्स ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
इस मौके यूनियन के पदाधिकारी बलकार सिंह पुनिया और सतनाम सिंह भंगू आदि ने कहा कि शिक्षा विभाग पंजाब की ओर से मार्च 2019 में विज्ञापन जारी करके सीधी भर्ती के तहत 1558 एचटी और 375 सीएचटी (सेंटर हेड टीचर) अध्यापकों की भर्ती शुरू की थी। इसकी लिखित परीक्षा लेने के बाद मेरिट के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई। इसके अंतिम चरण में विभिन्न कैटागिरियों के करीब 400 उम्मीदवारों की स्क्रूटनी नवंबर 2019 में की गई। अब करीब दो साल का समय बीत जाने पर भी इन अध्यापकों को विभाग की ओर से ऑर्डर जारी नहीं किए गए हैं। पदाधिकारियों का कहना है कि विभाग के पास विभिन्न कारणों के चलते अब भी बड़ी संख्या में खाली पद पड़े हैं। पद भरने संबंधी यूनियन ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों व सरकार साथ कई बैठकें कीं, लेकिन कोई हल नहीं निकला है।