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बिजली संकट: पंजाब में औद्योगिक वीकली ऑफ तीन दिन और बढ़ा, गुरुवार सुबह 8 बजे तक लागू रहेगा आदेश

Sun, 04 Jul 2021 10:41 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)

सार

पंजाब में शनिवार को बिजली की मांग में कमी दर्ज की गई। कई जगह हल्की बारिश के कारण आए मौसम में बदलाव और पावरकॉम की ओर से लगाई तमाम पाबंदियों के चलते बिजली की मांग कम रही। उधर, रोपड़ का बंद पड़ी 210 मेगावाट यूनिट भी चालू हो गई। जिसके चलते पावरकॉम को बिजली की मांग को पूरा करने में ज्यादा मुश्किल नहीं हुई। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बिजली संकट के चलते पंजाब में उद्योगों में काम बंद रखने का समय अब तीन दिन और बढ़ा दिया गया है। सोमवार सुबह 8 से गुरुवार सुबह 8 बजे तक आदेश लागू रहेंगे। इससे रविवार सुबह 8 बजे तक का औद्योगिक वीकली ऑफ लगाया गया था। पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पॉवरकाम) के आदेश का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। 

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पहली बार कोताही करने वाले को मंजूरी से ज्यादा लोड इस्तेमाल करने पर 100 रुपये प्रति केवीए का जुर्माना भरना होगा। इसके बाद हर गलती करने पर 200 रुपये प्रति केवीए का जुर्माना प्रमाणित से ज्यादा लोड इस्तेमाल करने पर किया जाएगा। हालांकि, शनिवार को राहत की बात यह रही कि हल्की बारिश के कारण आए मौसम में बदलाव और उद्योग बंद रहने से शनिवार को पंजाब में बिजली की मांग में 1458 मेगावॉट की कमी दर्ज की गई। 

रोपड़ थर्मल प्लांट की 210 मेगावॉट की यूनिट चालू होने से भी पावरकॉम को बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिली। पंजाब में 29 जून से बिजली की मांग में बड़ा इजाफा दर्ज किया जा रहा है। भीषण गर्मी और धान रोपाई सीजन के कारण पंजाब में बिजली की मांग पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 14500 मेगावॉट पहुंच गई थी, जबकि पॉवरकाम के पास केवल 13700 मेगावॉट बिजली की उपलब्धता थी। शनिवार को बिजली की मांग 13042 मेगावॉट दर्ज की गई। 
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शिअद-बसपा गठबंधन सरकार ही हल करेगी पंजाब का बिजली संकट: मायावती
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रधान मायावती ने पंजाब में बिजली संकट को लेकर ट्वीट किया है कि अब पंजाब में बिजली संकट का हल केवल शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और बसपा गठबंधन ही कर सकती है। मायावती ने लिखा- यह साबित करता है कि पंजाब की कांग्रेस सरकार आपसी गुटबाजी, खींचतान और टकराव में उलझकर आम लोगों के हितों और जनकल्याण की अपनी जिम्मेदारी को भूल चुकी है। पंजाब की जनता को इसका गंभीरता से नोटिस लेना चाहिए।

मायावती ने लिखा- पंजाब के बेहतर भविष्य और सूबे के लोगों की भलाई इस बात में है कि वे कांग्रेस पार्टी की सरकार से आजाद हों और अगले विधानसभा चुनाव में शिरोमणि अकाली दल और बसपा गठजोड़ की पूर्ण बहुमत वाली लोक हितैषी सरकार बनाना सुनिश्चित करें। मैं यह पुरजोर अपील करती हूं।

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