गांव बारठ साहिब में प्रदर्शन करते ग्रामीण।
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पठानकोट के गांव बारठ साहिब में दो गर्भवती महिलाओं ने आशा वर्कर पर काम करवाने के बदले घर में पोंछा लगवाने के आरोप लगाए हैं। इसके बाद इनमें से एक गर्भवती महिला की हालत बिगड़ गई। अब गांव के सरपंच समेत पूरे गांव के लोग आशा वर्कर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। शनिवार को स्थानीय लोगों ने रोष प्रदर्शन किया। गमिनी पीएचसी बारठ साहिब की डॉक्टर ने कहा कि लोगों ने इस बारे में बताया है। लिखित शिकायत मिलने पर आशा वर्कर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गांव के सरपंच बलदेव राज ने बताया कि शुक्रवार को गांव की रहने वाली गर्भवती महिलाएं मोनिका देवी और सरोज बाला अपना जच्चा-बच्चा कार्ड बनवाने के लिए स्थानीय आशा वर्कर के घर गई थीं। जहां आशा वर्कर ने इसके एवज में घर पर पोंछा लगाने का दबाव बनाया। दोनों महिलाओं ने मिलकर आशा वर्कर के घर पर पोंछा लगाया और कार्ड बनवाकर घर आ गई। सरपंच ने बताया कि घर पहुंचकर एक महिला की तबीयत बिगड़ गई। परिवार ने पूछा तो उसने पूरी घटना की जानकारी दी। जिसके बाद पूरे गांव के लोग एकत्रित हुए और आशा वर्कर को भी मौके पर आने के लिए कहा लेकिन वह नहीं पहुंची।
इसके बाद गांव के लोगों ने बारठ साहिब मिनी पीएचसी के बाहर रोष प्रदर्शन किया और आशा वर्कर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों में शामिल दिलीप कुमार, शम्मी कुमार, सुरती राम, विशाल कुमार, रमण कुमार, मोनिका, अर्जुन कुमार, रकेश कुमार ने आशा वर्कर पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, बारठ साहिब मिनी पीएचसी पर तैनात डॉ. सीमा ने कहा कि लोगों ने उन्हें मामले की जानकारी दी है। लिखित शिकायत देने के लिए कहा गया है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा।