विधानसभा हलका खेमकरण के गांव दोदे सोढियां में बुधवार की शाम को जलते चूल्हों की आग उस समय ठंडी पड़ गई जब रात 7.53 मिनट पर आर्मी हेडक्वार्टर से सूचना मिली कि तमिलनाडू में हेलिकाप्टर हादसे के दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत सहित 13 सैनिकों की जान चली गई है। इनमें गांव दोदे सोढियां निवासी भारतीय सेना के 31 साल के नायक गुरसेवक सिंह भी शामिल हैं। नायक गुरसेवक सिंह का पार्थिव शरीर गांव नहीं पहुंचा है। नायक के घरवालों की उम्मीद थी कि गुरुवार को पर्थिव शरीर गांव पहुंचेगा, लेकिन सेना की टुकड़ी डीएनए टेस्ट के लिए गुरसेवक के पिता काबल सिंह का सैंपल लेकर लौट गई। घर पर पिता, भाई और पत्नी सहित हर कोई गुरसेवक की असमय मौत से सदमे में है।
नायक की पत्नी जसप्रीत कौर को पति की मौत के बारे में कुछ नहीं बताया गया है। काबल सिंह ने बताया कि करीब दो माह से बीमार चल रही जसप्रीत कौर से मोबाइल पर बातचीत में गुरसेवक ने कहा था कि जसप्रीत फिक्र न कर तूं ठीक हो जांवेगी, सिमरत, गुरलीन और फतेह नू चंगी तरां पड़ावी, ऐवें फिक्र न करिया कर तू ठीक हो जावेंगी, मैं अगले हफ्ते छुट्टी ले के आवांगा अते तैनूं नाल लेके जावांगा। आर्मी अस्पताल विच्च वदिया इलाज हुंदा ए।
गुरसेवक सिंह की पत्नी जसप्रीत कौर बार-बार अपने ससुर काबल सिंह से पूछ रही थी कि आखिर घर में इतनी भीड़ क्यों हो रही है। जसप्रीत कौर अपनी नौ वर्षीय बच्ची सिमरत, सात वर्षीय बेटी गुरलीन और साढ़े चार साल के बेटे गुरफतेह सिंह के साथ हैरानी से सब को देख रही थी। जसप्रीत कौर का ये व्यवहार देखकर काबल सिंह फफक रो पड़े। नायक गुरसेवक सिंह की शहादत पर खडूर साहिब के सांसद जसबीर सिंह गिल, खेमकरण के विधायक सुखपाल सिंह भुल्लर, तरनतारन के विधायक डा. धर्मबीर अग्निहोत्री ने परिवार से हमदर्दी जताई है।