फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुल्लांपुर में सरकारी जगह की नहीं कमी, लेकिन फिर भी नहीं बन पाया सामुदायिक केंद्र

विज्ञापन
विज्ञापन
मुल्लांपुर (नयागांव)। मुल्लांपुर की जनता को आजादी के 75 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं के संघर्ष करना पड़ रहा है। इलाके में अभी तक कोई सामुदायिक केंद्र नहीं है। मजबूरी में लोग मैरिज पैैलेसों या होटलों में समागम करने को मजबूर है। जिससे लोगों की जेब पर आर्थिक बोझ पड़ता है।
विज्ञापन

ऐसी हालत मार्केट की है। मार्केट में शौचालय की व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा वहां पर लोगों की सुविधा के लिए कोई बस क्यू शेल्टर तक नहीं है। लोगों का कहना है कि हम तो सरकार से बड़ी सुविधाएं मांग ही नहीं रहे है। हम तो केवल मूलभूत सुविधाएं ही मांग रहे हैं। जबकि यह काम मात्र एक करोड़ रुपये में हो जाएगा। जबकि सरकार द्वारा नए बसाए जा रही सड़कों के सौंदर्यीकरण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
जानकारी के मुुताबिक मुल्लांपुर के बाजार का अपना एक ऐतिहासिक महत्व है। यहां का कपडे़ का बाजार इलाके मे अपना एक महत्व रखता है। आस पास के गांवों से रोजाना हजारों की संख्या में ग्राहक यहां खरीददारी के लिए आते हैं। लेकिन पूरे बाजार में कोई भी सुलभ शौचालय नहीं बना हुआ है। इस कारण आने वाले ग्राहकों को बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बच्चों को खेलने के लिए इलाके मे कोई भी पार्क विकसित नहीं किया गया है। जिस कारण बच्चे अपने घरों मे ही रहने को मजबूर हैं। पार्क न होने के कारण बुजुर्गों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इलाके में पंचायत की काफी सरकारी जगह उपलब्ध होने के बावजूद भी किसी भी सरकार ने अब तक कोई सामुदायिक केंद्र विकसित नहीं किया है। इस कारण मुल्लांपुर निवासी अपने शादी विवाह के कार्यक्रम निजी मैरिज पैलेसों में करने को मजबूर हैं। जो ग्रामीणों से अपनी मनमर्जी का किराया वसूल करते हैं। संवाद
विज्ञापन

क्या कहते हैं लोग
बस क्यू शेल्टर न होने होती है दिक्कत
इलाके में बस स्टैंड तो क्या कोई बस क्यू शेल्टर भी नहीं बनाया हुआ है। जिस कारण हर मौसम में रोड पर खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है। जिसमें बहुत परेशानी होती है।- मीना कुमारी, स्थानीय निवासी
मार्केट में लोगों को होती है दिक्कत
मुल्लांपुर में काफी पुराना बाजार है। यहां के कपड़ा बाजार का दूर-दूर तक नाम है। हजारों की संख्या में रोजाना ग्राहक इस बाजार में आते हैं। लेकिन फिर भी एक भी सुलभ शौचालय उपलब्ध नहीं है। -जसपाल कौर स्थानीय निवासी
सामुदायिक केंद्र समय की जरूरत
इलाके को न्यू चंडीगढ़ के नाम से विकसित किया जा रहा है, लेकिन अब तक सरकार की तरफ से कोई भी सामुदायिक केंद्र नहीं बनाया गया है। कई सरकारें आई और कई चली गई। लेकिन किसी भी सरकार ने इलाके के विकास की पहल नहीं की। सामुदायिक केंद्र समय की जरूरत है।
- श्यामसुंदर स्थानीय निवासी
काफी सरकारी जमीन पड़ी खाली, सरकार दे ध्यान
मुल्लांपुर पंचायत के पास काफी सरकारी जमीन खाली पड़ी हुई है। जिस पर भू-माफियाओं की हमेशा नजर बनी रहती है। सरकार अगर चाहे तो वहां पर पार्क या सामुदायिक केंद्र विकसित कर सकती है, लेकिन अब तक किसी के द्वारा यह कोशिश नहीं की गई है।
विज्ञापन

-अरविंद पुरी, समाजसेवी मुल्लांपुर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें