मोहाली। विकास कार्यों के नाम पर नेताओं के बड़े-बड़े दावों की पोल शहर के वार्ड-14 में उस समय खुल गई, जब यहां पर 9 दिन पहले ही नगर निगम की ओर से मरम्मत करके बनाई सड़क टूटकर उखड़ गई। जबकि यह सड़क यहां रहने वाले लोगों की मांग पर नगर निगम ने बनाई थी, क्योंकि इस टूटी सड़क से यहां के लोग परेशानी झेल रहे थे। इसके टूटने के बाद लोगों ने इसकी फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी तो नगर निगम हरकत में आया, जिसने अपनी पार्षद की शिकायत पर जांच के निर्देश दे दिए। साथ ही सड़क बनाने वाली कंपनी को जारी होने वाला भुगतान भी रोक दिया। जैसे ही मामला सोशल मीडिया पर वायरल होकर विपक्षी नेताओं के पास पहुंचा तो उन्होंने देर नहीं की और नगर निगम की सत्ता पर काबिज कांग्रेसी पार्षदों सहित मेयर पर सरकारी फंड के दुरुपयोग के आरोप लगा दिए।
जानकारी के मुताबिक, वार्ड-14 एचआईजी ब्लॉक की सड़क लंबे समय से टूटी होने के कारण खस्ताहाल थी और इसकी हालत को लेकर स्थानीय लोगों ने कई बार अपनी शिकायतें नगर निगम को दी। दूसरी ओर, लोगों की शिकायत पर नगर निगम ने करीब 9 लाख रुपये के फंड को मंजूरी देकर सड़क निर्माण करवा दिया गया। आलम यह है कि 9 लाख रुपये से बनाई सड़क 9 दिन भी नहीं टिक पाई और जगह-जगह से उखड़कर टूट गई और सड़क की हालत पहले से ज्यादा बदतर हो गई। क्योंकि सड़क टूटने से फैली बजरी से लोग आवाजाही दौरान लोग हादसों का शिकार बन रहे हैं, जिसको देखते हुए स्थानीय लोगों में भारी रोष पाया जा रहा है।
जांच के आदेश दिए
मामले की सूचना मिलते ही तुरन्त जांच के निर्देश दे दिए गए हैं और संबंधित कंपनी को भुगतान करने से रोक दिया गया है। जब तक सड़क का काम ठीक तरह से नहीं हो जाता, भुगतान नहीं होगा। -कुलजीत सिंह बेदी, डिप्टी मेयर, नगर निगम मोहाली।
नगर निगम में लुटेरों की टोली
दरअसल आजकल नगर निगम में लुटेरों की टोली काबिज हैं, जो बिना किसी जानकारी में सर्दियों में सड़क बना रहे हैं। ऐसा करके कांग्रेसी पार्षद और मेयर जनता के पैसे का दुरुपयोग करके अपनी जेबें भरने में लगे हुए हैं। -कुलवंत सिंह, पूर्व मेयर, नगर निगम मोहाली।