मोहाली। कर्मचारियों के इलाज के लिए फेज-7 स्थित ईएसआई अस्पताल में लोगों को इलाज न मिलने से परेशान कंपनी मालिकों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान रोष मार्च भी निकाला गया और विभाग के डायरेक्टर को मांगपत्र देकर सुविधाओं को पूरा करने की मांग की गई, जिससे कर्मचारियों को इलाज मिल सके। वहीं, दूसरी ओर अस्पताल की एसएमओ ने बताया कि इस मामले को लेकर उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है।
जानकारी के मुताबिक कर्मचारियों के वेतन से हर महीने कुछ राशि सेहत सुविधाओं की गारंटी के नाम काटी जाती है, लेकिन इसके बदले में कर्मचारियों को इलाज नहीं मिल रहा। आलम यह है कि वीआईपी शहर मोहाली की औद्योगिक ईकाइंयों में लाखों की संख्या में कर्मचारी काम करते हैं, जो इलाज के लिए फेज-7 स्थित ईएसआईसी अस्पताल पहुंचते हैं तो सुविधाओं के अभाव के चलते अन्य अस्पताल में रैफर कर दिया जाता है। दूसरी ओर, अस्पताल की लापरवाही के चलते सैकड़ों कर्मचारी समय पर इलाज न मिलने पाने की स्थिति में अपनी जान तक गंवा चुके हैं और कुछ लोग अभी भी बीमार होकर परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
इंडस्ट्री एसोसिएशन के सदस्यों ने बुधवार को प्रधान अनुराग अग्रवाल के नेतृत्व में ईएसआईसी अस्पताल की कमियों को लेकर अपना रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अस्पताल दोपहर 3 बजे बंद हो जाता हैं और जो स्टाफ अस्पताल में मौजूद हैं वो बहुत कम है। अल्ट्रासाउंड, एंबुलेंस, हड्डी व अन्य बीमारियों से जुड़े माहिर डाक्टरों की भारी कमी हैं, जिस कारण यहां आने वाले मरीज को इलाज न मिलने की स्थित दूसरे अस्पताल में रैफर कर दिया जाता है। इस रोष प्रदर्शन के दौरान एसोसिएशन के सदस्यों ने रोष मार्च निकालते हुए अपना ज्ञापन अस्पताल के एसएमओ मंजीत कौर के जरिए विभाग के डायरेक्टर को भेजा हैं, जिसमें अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है।
इंडस्ट्री एसोसिएशन की ओर से दिए गए ज्ञापन को उच्चाधिकारियों के पास भेज दिया गया है और इस मामले में अंतिम फैसला आलाधिकारी लेंगे। जैसे ही विभाग की ओर से कोई आदेश आते हैं तो वो मीडिया के साथ सांझा कर दिए जाएंगे। -मनजीत कौर, एसएमओ, ईएसआईसी अस्पताल, फेज-7 मोहाली।