जीरकपुर। इंपीरियल गार्डन के लोगों ने समस्याओं से परेशान होकर रविवार को बिल्डरों और नगर काउंसिल अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
दरअसल, सोसाइटी में इस समय 300 के करीब फ्लैटों में लोग रह रहे हैं। इनके लिए विपरीत दिशा में डाला गया सीवरेज सिस्टम और पीने के पानी की समस्या खड़ी हो गई है। लोगों का कहना है कि पहले प्लाट काटकर बेचने वाला कॉलोनाइजर रफू चक्कर हो गया। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर खरीदे गए प्लाटों पर घर का नक्शा पास करवा फ्लैट बनाने वाले बिल्डर उनकी जिंदगी भर की पूंजी के बदले में फ्लैट बेचकर गायब हो गए।
प्रदर्शन कर रहे लोगों सुरिंदर धीमान, सतिश अरोड़ा, परमार अवस्थी, विनय भारद्वाज, अंशुल भारद्वाज, अंकिता गर्ग सहित सोसाइटी के अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि बिल्डर और नगर परिषद के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बिल्डर की अधिकारियों से साठगांठ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है की अब अधिकारियों को समस्याओं की शिकायत करने पर यह कह दिया जाता है कि उनकी सोसाइटी का तो अभी नगर परिषद को टेकओवर नहीं दिया गया। लोगों ने आरोप लगाया कि वह नगर परिषद को हर प्रकार का टैक्स दे रहे हैं। इसके बाद भी सोसाइटी के पीने के पानी व सीवरेज की सफाई का खर्च खुद से कर रहे हैं।
फ्लैट्स के पास ओवरफ्लो हो रहा पानी
लोगों ने कहा कि उनकी सोसाइटी में बिल्डर की ओर से सीवरेज सिस्टम विपरीत दिशा में डालने के कारण सीवरेज आखिर के फ्लैट्स के पास ओवरफ्लो हो जाता है। इसका पानी फ्लैटों के नीचे से रिसाव होकर सोसाइटी की दूसरी ओर खाली पड़ी जमीन में नाले के रूप में बह रहा है। पानी के प्रेशर से कई बार रिटेनिंग वाल तक टूट चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों के मन में 2018 में बिल्डिंग गिरने जैसी घटना का हर समय खतरा बना हुआ है। लोगों ने कहा कि यहां बिल्डर नगर परिषद से एक या दो कोठी का नक्शा पास करवा उसकी जगह पर फ्लैट बेचकर चलते बने और अधिकारी कह रहे हैं कि आपका तो प्रोजेक्ट ही पास नहीं। उनकी सोसाइटी में सीवरेज की समस्या के अलावा पीने के पानी की भी परेशानी है। इतनी बड़ी सोसाइटी में केवल एक ट्यूबवेल है और वह भी 25 किलोवाट क्षमता का। इससे उन्होंने पर्याप्त पानी भी नसीब नहीं हो रहा है।
कोट
सोमवार को कार्यभार संभालूंगा। मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच के बाद बनती कार्रवाई की जाएगी।
-गिरीश वर्मा, ईओ नगर परिषद जीरकपुर।