मोहाली। चंडीगढ़ के साथ लगते गांवों में अवैध तरीके से कृषि योग्य भूमि में काटी जा रही रिहायशी कॉलोनियां जहां गमाडा के लिए सिरदर्दी बन गई है। वहीं, बाहरी राज्यों से आए हुए लोग आए दिन ठगी का शिकार हो रहे हैं। इस कड़ी में गमाडा ने बड़माजरा व बहलोलपुर में एक बार फिर स्पेशल ड्राइव चलाई गई। इस दौरान निर्माणाधीन मकानों और दुकानों को गिराया गया।
गमाडा की रेगुलेटरी ब्रांच के एसडीओ हरप्रीत सिंह ने बताया कि गमाडा की तरफ से लगातार अवैध तरीके से बनाई जा रही कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। बड़माजरा, बहलोलपुर व डेराबस्सी में एक हफ्ते में पचास से अधिक निर्माण गिराए गए। वहीं, इस बारे में जिला पुलिस को शिकायत की गई है। अब किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
गमाडा अधिकारियों के मुुताबिक उनकी टीमें लगातार अवैध निर्माण को रोकने के लिए ड्राइव चला रही हैं। गत शुक्रवार को गमाडा ने बहलोपुर में कृषि योग्य भूमि में बनाई गई गैर कानूनी कॉलोनियों पर कार्रवाई की थी। शनिवार व रविवार को सरकारी छुट्टी थी। इसका कॉलोनी काटने वाले बिल्डरों ने पूरा फायदा उठाया। उन्होंने दोबारा निर्माण कर लिया। साथ ही घरों व दुकानों पर लेंटर डालने की तैयारी कर ली थी। इसी बीच गमाडा को इस बारे में सूचना मिल गई। इसके बाद उक्त निर्माण को गिराया गया। बहलोलपुर में एक शोरूम की शटरिंग की जा रही थी, उसे भी गिराया गया। डेराबस्सी एरिया में भी गमाडा की टीम ने कार्रवाई की गई है। बीस के करीब नींव उखाड़ी गई है। साथ ही बिल्डरों द्वारा डाली गई सीवरेज लाइन व सड़कों को भी उखाड़ दिया गया है। अधिकारियों की कहना है कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। छह महीने में गमाडा की टीमें 25 से अधिक अवैध कॉलोनियां पर कार्रवाई कर चुकी है। इतना ही नहीं कई एरिया में केस तक दर्ज करवाए गए हैं।
चंडीगढ़ के नाम को कैश कर रहे हैं बिल्डर
चंडीगढ़ से लगते गांवों में रियल एस्टेट माफिया पूरी तरह से सक्रिय है। वह इस तरीके से अवैध कॉलोनी काटता है कि लोगों को लगता है कि वह उचित मानकों पर बसी कॉलोनी में ही घर बनाने जा रहे है। बिल्डरों द्वारा पहले सोशल मीडिया पर खूब प्रचार किया जाता है। पूरे इलाके में होर्डिंग से लेकर एजेंट तक रोड पर बिठाए जाते हैं जो कि ग्राहकों को आकर्षित करते हैं। इसके अलावा यह प्लॉट चंडीगढ़ के मुकाबले सस्ते होते हैं। ऐसे में कई लोग इनके शिकार हो जाते हैं।
कैसे बच सकते हैं ठगी से
जब भी कोई प्रॉपर्टी लेने की प्लानिंग करे तो सबसे पहले पता करे कि इलाक किसी अथारिटी गमाडा, नगर काउंसिल या पंचायत के अंदर आता है। इसके बाद उस प्रॉपर्टी के दस्तावेजों की संबंधित एजेंसी के दफ्तर में जाकर पड़ताल करें। जब पूरी तरह बात साफ हो जाए तो आगे सौदा करने की कार्रवाई करे। इसके अलावा गमाडा की वेबसाइट पर भी उनके अधिकार क्षेत्र में पास कॉलोनियां की सूची है।
पुलिस ने स्पेशल एसआईटी ही बना डाली
कुछ समय पहले जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। उस समय सांसद मनीष तिवारी ने रियल एस्टेट माफिया का मामला गंभीरता से उठाया था। उन्होंने सीएम को पत्र लिखा था कि कई लोग रोजाना ठगी का शिकार हो रहे हैं। इसके बाद सीएम ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम इस मामले में गठित कर दी थी। साथ ही एसपी (ग्रामीण) को इस टीम का इंचार्ज बनाया गया था। इस संबंधी ऑनलाइन भी शिकायत की जा सकती है।