एटीएम के बाहर सुरक्षाकर्मी न होने का फायदा उठाकर कीपैड के ऊपर शातिरों ने फिट किया था स्कैनर
पीड़ित समेत पांच लोगों के पैसे एक ही तरीके से निकले, लोगों के शोर मचाने पर पुलिस ने एटीएम किया बंद
संवाद न्यूज एजेंसीजीरकपुर। बुधवार को सुबह करीब साढ़े 11 बजे एक व्यक्ति एटीएम से पैसे निकालने गया तो उसका एचडीएफसी बैंक का डेबिट कार्ड इंडसइंड एटीएम में फंस गया। इसके बाद वहां मौजूद शातिर की बात मानकर पीड़ित ने तीन बार पिन डाला, लेकिन कार्ड नहीं निकला। वह घर मोबाइल लेने गया तो इसके कुछ देर बाद थोड़ी-थोड़ी राशि में कुल 1.12 लाख रुपये उसके खाते से निकल गए। बताया जा रहा है कि एक ही दिन में इसी तरीके से पांच लोगों के पैसे निकले हैं। लोगों के शोर के बाद पुलिस ने पहुंचकर एटीएम का शटर बंद किया और अन्य लोगों को ठगी होने से बचाया।
बताया जा रहा है कि एटीएम में कोई भी सुरक्षाकर्मी नहीं था। इसके चलते शातिर वहां स्कैनर फिट कर गए और तकनीकी छेड़छाड़ कर लोगों से ठगी हो गई। पीड़ित कुलदीप सिंह ने बताया कि वह सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे बलटाना में पड़ती ट्रिब्यून कॉलोनी के नजदीक एटीएम से पैसे निकलवाने के लिए गया था। जैसे ही एटीएम में डेबिट कार्ड डाला तो वह मशीन में गिर गया। इसके तुरंत बाद एक युवक आया और बोला कि वह उसका कार्ड निकाल देगा। इसके बाद शातिर ने उसे एटीएम में लगे हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने के लिए कहा। इस पर कुलदीप ने कहा कि उसका मोबाइल घर रह गया है तो शातिर ने कहा कि एटीएम में पिन तीन बार डालने से शायद आपका डेबिट कार्ड निकल जाए। जब ऐसा करने से डेबिट कार्ड नहीं निकला तो वह अपना मोबाइल लेने घर चला गया। जैसे ही वह घर से मोबाइल लेकर लौटने लगा तो 11 बजकर 40 मिनट पर पैसे निकलने का पहला मैसेज आया और देखते ही देखते उसके खाते से 90 हजार रुपये निकल गए। वह एटीएम पर पहुंचा तो वहां कोई नहीं था। जिसके बाद करीब सवा 12 बजे किसी और एटीएम से पैसे निकले, जिसे मिलाकर कुल 1 लाख 12 हजार रुपये उसके खाते से निकल गए।
इसके बाद वह एटीएम पर पहुंचा तो वहां मौजूद मुनीश नामक व्यक्ति ने बताया कि उसके खाते से भी 3 हजार रुपये निकले हैं। फिर वहां लोगों का जमावड़ा हो गया। सभी ने बताया कि इससे पहले भी तीन लोगों के पैसे निकल चुके हैं। इसके बाद बलटाना चौकी को जानकारी दी तो पुलिस ने पहुंचकर एटीएम का शटर बंद कर बैंक को जानकारी दी। इसके बाद मैंटेनेंस करने वाली कंपनी हिटाची ने आकर एटीएम बंद किया और जांच शुरू की।
कोट्स
दो मुलाजिम भेजकर एटीएम का शटर बंद करवाकर कंपनी को जानकारी दी है, ताकि और किसी से ठगी न हो। कंपनी की गलती यह थी कि उन्होंने एटीएम के बाहर कोई भी सिक्योरिटी गार्ड खड़ा नहीं किया। यह मामला साइबर सेल द्वारा देखा जाएगा। हमारी तरफ से सभी बैंकों को एटीएम के बाहर सिक्योरिटी गार्ड रखने की अपील की जाएगी। यदि वह ऐसा नहीं करते तो उन्हें एटीएम रात के समय बंद रखने के लिए कहा जाएगा। -अजय कुमार, चौकी इंचार्ज, बलटाना