जीरकपुर। डेंगू के मरीज बढ़ने के साथ ही इलाके में सेहत सहूलियतें दम तोड़ रही हैं। सरकारी अस्पतालों में इलाज न मिलने के कारण निजी अस्पतालों में वित्तीय लूट का शिकार होना पड़ रहा है। इससे बचने के लिए लोग निजी क्लीनिकों से इलाज करवा रहे हैं। वहीं, प्रबंधकों के पास मरीजों को रखने के लिए उचित प्रबंध न होने के कारण वह खुले आसमान के नीचे ही मरीजों का इलाज करने के लिए मजबूर हैं।
ऐसा ही एक मामला चंडीगढ़ अंबाला मुख्य मार्ग पर एक निजी क्लीनिक में देखने को मिला जहां मरीज बढ़ने कारण प्रबंधकों ने मरीजों को बाहर ही लिटा दिया। पूर्व सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू के शहर में सारा दिन उक्त क्लीनिक के बाहर मरीजों को खुले में इलाज करने की वायरल तस्वीरें पंजाब सरकार के सेहत प्रबंधों पर सवालिया निशान लगा रही हैं। शहर में बुखार व प्लेटलेट्स घटने से संदिग्ध डेंगू की मरीजों की तादात बढ़ती जा रही है। सरकारी अस्पतालों में मरीजों की तादात के हिसाब से बेड न होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों से इलाज करवाना पड़ रहा है।
शहर में स्थित बड़े निजी अस्पताल रोजाना के हजारों के हिसाब से बिल वसूलते हैं। इससे बचने के लिए लोग सस्ते क्लीनिकों का सहारा ले रहे हैं। हाईवे पर स्थित एक क्लीनिक में कई मरीज दाखिल हैं। क्लीनिक में मरीजों की संख्या बढ़ने कारण प्रबंधकों ने मरीजों को बाहर लिटा कर इलाज किया जा रहा है। क्लीनिक प्रबंधक ने बताया कि उसकी तरफ से नियमों के मुताबिक व वाजिब पैसे लेकर इलाज किया जा रहा है। यहां पर अब तक काफी मरीज ठीक हो चुके हैं। संवाद
जीरकपुर थाने के 11 कर्मी बीमार
शहर में संदिग्ध डेंगू, बुखार व प्लेटलेट्स कम होने के मरीजों की गिनती लगातार बढ़ती जा रही है। आलम यह है कि जीरकपुर के निजी अस्पताल व क्लीनिक मरीजों से भरे पड़े हैं। जीरकपुर पुलिस स्टेशन से थाना प्रभारी इंस्पेक्टर ओंकार सिंह बराड़ सहित 11 कर्मी बीमार चल रहे हैं। थाना प्रभारी की तबीयत बिगड़ने के चलते वह पिछले 5 दिनों से निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं। उन्हें भी प्लेटलेट्स कम होने की शिकायत बताई जा रही है।
पंजाब सरकार पूरी तरह से फेल : एनके शर्मा
अकाली दल के हलका विधायक एनके शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है। अंदरूनी कलह के कारण लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। सेहत सुविधाएं पूरी तरह से दम तोड़ चुकी हैं। सरकारी अस्पतालों में आम लोगों के लिए कोई सुविधा नहीं है। इसके चलते लोग नीजि क्लीनिकों और अस्पतालों पर निर्भर हैं। जहां आम लोगों की लूट हो रही है।
कोट्स...
यहां पहले ही क्षमता से ज्यादा मरीज दाखिल हैं। शहर में इस समय पर बुखार व डेंगू के शकी मरीज आ रहे हैं। इस कारण लोग निजी अस्पतालों पर क्लीनिकों पर निर्भर हैं। अभी तक हमारे पास 30 के करीब डेंगू के मरीज आए हैं। निजी लैब की रिपोर्टों को सेहत विभाग मान्यता नहीं देता है। पीड़ित लोग सरकार सरकारी संस्थाओं से ही टेस्ट करवाएं।
-डा. पौमी चतरथ, एसएमओ, कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर, ढकोली
कैप्शन -जीरकपुर में निजी क्लीनिक के बाहर खुले में इलाज करवा रहे हैं मरीज।