मोहाली में शिक्षा भवन के बाहर नारेबाजी करते अस्थायी अध्यापकों को रोकने पहुंची पुलिस। संवाद
- फोटो : MOHALI
मोहाली। शिक्षा विभाग और पीएसईबी के दफ्तर के बाहर कच्चे शिक्षकों (अस्थायी अध्यापक) ने बुधवार को जमकर नारेबाजी की और दोनों विभागों को नहीं खुलने दिया। जबकि दफ्तर पहुंचने वाले मुलाजिमों को गेट के बाहर ही रोक दिया और यहां बारिश होने के बावजूद यहीं जमे रहे। इस दौरान यहां मौजूद पुलिस मुलाजिमों के साथ इनकी धक्का-मुक्की भी हुई। हालांकि इस दौरान महिला शिक्षिका के कपड़े फटे, चोटें लगीं और कई पुरुष अध्यापकों की पगड़ी भी उतरी। लेकिन इसके बावजूद भारी बारिश के बीच कच्चे अध्यापकों ने शिक्षा विभाग और पीएसईबी की तालाबंदी की। किसी भी अधिकारी और कर्मचारी को इमारत के अंदर दाखिल नहीं होने दिया गया। इस दौरान कच्चे अध्यापकों और पुलिस के बीच धक्का मुक्की हुई। घायल हुई महिला शिक्षक को सिविल अस्पताल में इलाज के लिए दाखिल करवाया गया है।
राज्य के 13 हजार कच्चे अध्यापक पिछले 51 दिनों से मोहाली में शिक्षा विभाग और पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के मुख्यालय के सामने धरना दे रहे हैं। राज्य सरकार की ओर से मांगों को लेकर कोई फैसला न लेने से नाराज कच्चे अध्यापकों ने बुधवार को पीएसईबी और शिक्षा विभाग के गेट बंद कर पूरी इमारत का घेराव किया। सुबह 8 बजे ही करीब 400 प्रदर्शनकारी कच्चे अध्यापकों ने शिक्षा विभाग और पीएसईबी के सभी गेट बंद कर घेराव कर लिया। सुबह दफ्तर पहुंचे बोर्ड और शिक्षा विभाग के कर्मचारी घंटो बाहर की खड़े रहे। इस दौरान पुलिस ने कच्चे अध्यापकों को वहां से हटाने का प्रयास भी किया। लेकिन धक्का मुक्की के बावजूद वह नहीं हटे। जिसमें संगरूर से आई अध्यापिका परमजीत कौर कसे गंभीर चोटें आईं। परमजीत कौर को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। यहां उनका इलाज किया जा रहा है।
वहीं पुलिस से हुई धक्का मुक्की के दौरान बठिंडा से आई अध्यापिका रत्न कौर के कपड़े फट गए। जबकि लुधियाना से आए जसवीर सिंह की पगड़ी उतर गई। दोनों को मामूली चोटें भी आई। इनका उपचार करवाया गया। पुलिस से धक्का मुक्की के बाद कच्चे अध्यापकों ने पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स को भी उखाड़ फेंका और दोनों विभागों के गेट बंद कर दिए। इस घेराव के दौरान भारी बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी डटे रहे। बारिश और तेज हवाओं के चलते प्रदर्शनकारियों के टेंट और तिरपाल तक फट गईं। लेकिन वह गेटों पर डटे रहे। दोपहर तक पंजाब के अन्य जिलों से भी अध्यापक मोहाली पहुंच गए, इससे इनकी संख्या हजारों में हो गई।
प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे दविंदर सिंह संधु, अजमेर सिंह औलख, हरप्रीत कौर जालंधर, सतिंदर सिंह कंग और गगन अबोहर ने कहा कि 51 दिन बाद भी सरकार उनकी मांगों को लेकर कोई फैसला नहीं कर पाई। इनका आरोप था कि सरकार उनकी मांगों को पूरा ही नहीं करना चाहती। कच्चे अध्यापकों ने कहा कि यह लड़ाई आर-पार की है। जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मानती तब तक वे लोग धरना जारी रखेंगे। दविंदर सिंह संधु ने बताया कि शिक्षा विभाग और पीएसईबी के दफ्तर वीरवार को भी नहीं खुलने दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पुलिस पूरा दिन मुख्यमंत्री के प्रिंसिपल सेक्रेटरी सुरेश कुमार के साथ बैठक का आश्वासन देकर गेट खुलवाने का प्रयास करती रही। हालांकि बैठक को लेकर दिन और समय निर्धारित नहीं हो सका। संधु ने कहा कि किसी भी बैठक का सार्थक नतीजा आने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।