मोहाली। जन सेहत विभाग अब नगर निगम के अधीन आ गया है। स्थानीय निकाय विभाग से इस विभाग को निगम के अधीन लाने की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही अब विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को नियुक्ति (डेपुटेशन) पर लाया जाएगा। इससे आम लोगों को फायदा होगा। अब उन्हें विभिन्न विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही दफ्तर से उनके सभी काम हल हो जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक फेज-1 से 11 और सेक्टर-70 से 71 में पीने वाले पानी की सप्लाई और सीवरेज लाइनों के रखरखाव का काम जन सेहत विभाग की ओर से किया जाता है। जबकि बाकी क्षेत्रों का काम नगर निगम की ओर से किया जाता है। इनमें से गांवों और औद्योगिक क्षेत्र का काम नगर निगम की तरफ से पहले ही किया जाता है। साथ ही पिछले समय से गमाडा की ओर से किया जाने वाला सेक्टर 66 से 69 और 76 से 80 तक का काम नगर निगम को सौंपा जा चुका है। इस प्रक्रिया के होने से लोगों की शिकायतें खत्म हो जाएंगी। एक ही एजेंसी पूरे शहर में विकास कार्यों से जुड़े काम देखेगी। नगर निगम की बैठक में पास किए गए प्रस्ताव में कहा गया है कि शहर के विकास से जुड़े अहम काम जन सेहत विभाग की ओर से करवाए जाते हैं। जबकि पैसा नगर निगम का ही लगता है। नगर निगम के कमिश्नर कमल कुमार गर्ग ने कहा कि सरकार की तरफ से नगर निगम के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। साथ ही अब जन सेहत विभाग से संपर्क कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। निगम का तरफ से जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी।
वहीं, नगर निगम के मेयर अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने कहा कि जन सेहत विभाग का काम नगर निगम के अधीन आ जाने संबंधी प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से इलाके के लोगों का ही फायदा होगा। डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी ने कहा कि शहर के बड़े हिस्से का पीने वाले पानी की सप्लाई और सीवरेज लाइनों के रखरखाव का काम सेहत जन सेहत विभाग के पास होने के कारण दोनों विभागों में तालमेल की कमी के कारण कामों को अधिक समय लगता था। नगर निगम के अधीन आने से कामों में तेजी आएगी।