मोहाली। 17 दिन पहले एक चाय की दुकान से बाइक सवार दो युवकों ने एक नाबालिग बच्चे का अपहरण कर लिया था। इस मामले में सोहाना पुलिस ने लंबी जद्दोजहद के बाद आरोपियों का सुराग लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। जबकि अपहरणकर्ताओं के चंगुल से बच्चे को सही सलामत बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया है। वहीं गिरफ्तार किए गए अपहरणकर्ताओं की पहचान मंगल कुमार और श्याम हाल निवासी कुंभड़ा के रूप में हुई है। हालांकि दोनों मूलरूप से यूपी के जिला उन्नाव के रहने वाले हैं।
पुलिस ने दोनों अपहरणकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज कर शनिवार को अदालत में पेश किया। यहां से अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद दोनों को 5-5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। बता दें कि बीती 24 अगस्त को बाइक सवार दो युवक चाय की दुकान की मालकिन को चाय बनाने का ऑर्डर देकर उसके पोते नाबालिग बच्चे का अपहरण करके ले गए थे। इसके बाद बच्चे की दादी मंजो देवी की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था।
सोहाना पुलिस थाने के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बीती 24 अगस्त को नाबालिग बच्चे के अपहरण की शिकायत के बाद उनकी तरफ से इलाके के अंदर नाकाबंदी कर दी गई थी। आरोपियों की तलाश में घटनास्थल से आने जाने वाले सभी रास्तों के सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया, जिसमें आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने एक शख्स की मदद से बाइक सवार आरोपियों में से एक आरोपी का स्कैच बनाकर उसके इश्तहार बनाकर सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए थे।
वहीं, सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए इश्तहार को देखकर एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि उक्त बच्चा गांव कुंभड़ा के अंदर है। दूसरी ओर, नाबालिग बच्चे संबंधी सूचना मिलते ही पुलिस कुंभड़ा क्षेत्र में नाबालिग बच्चे की तलाश में जुट गई और पुलिस को नाबालिग बच्चा कुंभड़ा स्थित बाबा दीप सिंह स्कूल के पास प्रवासी मजदूरों के घर में रोता हुआ मिला। इसके बाद पुलिस अधिकारी बच्चे की शिनाख्त को लेकर दादी मंजो देवी को अपने साथ ले आए और दादी मंजो देवी के पहचान करने के बाद पुलिस ने बच्चे को आरोपी के चंगुल से छुड़वाने के बाद आरोपी मंगल कुमार को अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। वहीं, मंगल की निशानदेही पर पुलिस ने अपहरण की वारदात में शामिल बाइक चालक श्याम को भी गिरफ्तार कर लिया।
वहीं सोहाना थाने के एसएचओ भगवंत सिंह ने कहा कि अपहरण हुए नाबालिग बच्चे को पुलिस अधिकारियों ने 17 दिनों के अंदर ढूंढ निकाला हैं, जो बिल्कुल ठीकठाक है और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद नाबालिग बच्चे को उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।