मोहाली। वीआईपी शहर के लोग एक तरफ जहां प्रॉपर्टी को किराए पर देकर हर महीने हजारों रुपये कमा रहे हैं। वहीं, नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स न भरकर चूना लगा रहे हैं। यह खुलासा नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स न भरने वालों का रिकॉर्ड खंगालने से हुआ है। इसके साथ ही अब नगर निगम ने ऐसे लोगों पर कार्रवाई की पूरी तैयार कर ली है। जिसके तहत तहसील ऑफिस से अब तक हुए रेंट एग्रीमेंट का रिकॉर्ड मांगा गया है। वहीं, प्रॉपर्टी टैैक्स भरने संबंधी नियम भी सख्त किए गए हैं। जिससे निगम को उम्मीद है कि नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जा सकेगी। इसके साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स की राशि में भी बढ़ावा होगा।
जानकारी के मुताबिक नगर निगम के अधीन 50 वार्ड आते हैं। इनमें छह गांव भी शामिल हैैं। लेकिन नगर निगम के ध्यान में आया है कि अभी तक भी कई प्रॉपर्टी मालिक ऐसे हैं। जिन्होंने अभी तक अपने किराए का भुगतान नहीं किया है। जबकि कुछ प्रॉपर्टी मालिक ऐसे हैं, जिन्होंने गलत प्रॉपर्टी टैक्स भरा हुआ है। उन्होंने अपनी प्रॉपर्टी को खाली बताया है। जबकि उनकी प्रॉपर्टी किराए पर चढ़ी हुई है। इतना ही नहीं कुछ ऐेसे शोरूम भी हैं, जो कि काफी समय से किराए पर चल रहे है और बाकायदा उन दुकानों में चल रहे कारोबार के विज्ञापन तक मीडिया में चल रहे हैं। नगर निगम की टीम ने इस संबंधी पूरा रिकॉर्ड जुटा लिया है। साथ ही अब ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने की तैयारी है। जल्दी ही ऐसे लोगों को नोटिस भेजे जाएंगे। इसके अलावा नगर निगम की टीमें खुद इलाके में जाकर स्थिति का जायजा लेंगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई चलेगी। अधिकारियों की मानें तो इसके अलावा रिहाइशी एरिया में भी लोग किराएदारों के बारे में उचित जानकारी मुहैया नहीं करवा रहे हैं। इस वजह से निगम को नुकसान हो रहा है। ऐसे में नगर निगम ने उक्त लोगों पर कार्रवाई की तैयारी है, जिससे दोबारा दिक्कत न हो पाए।
दिखापी होगी संपत्ति की फ्रेश फोटो भी
जानकारी के मुताबिक प्रॉपर्टी टैक्स भरते समय कोई नगर निगम को चूना न लगा पाएं, इसके लिए नगर निगम की ओर से कुछ नए कदम उठाए गए हैं। जिसके तहत नगर निगम अब प्रॉपर्टी टैक्स भरने आने वाले लोगों से घर की फोटो, नक्शा और कुछ दस्तावेज मांगता है। जिससे व्यक्ति झूठ बोलकर नगर निगम को चूना न लग पाए। इसके अलावा नगर निगम की सर्वे टीम खुद इलाके में जाकर सर्वे करती है।
28 करोड़ का है प्रॉपर्टी टैक्स का लक्ष्य
नगर निगम को सबसे ज्यादा आमदन प्रॉपर्टी टैक्स से होती है। जबकि इस पैसे का इस्तेमाल शहर के विकास कार्य के लिए किया जाता है। अब तक करीब 18 करोड़ रुपये के प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली हो चुकी है। निगम अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही बकाया प्रॉपर्टी टैक्स भी वसूल लिया जाएगा।
तहसील दफ्तर से मांगा गया है रिकॉर्ड
शहर के कुछ लोग प्रॉपर्टी टैक्स भरने में भी खेल कर रहे थे और इससे नगर निगम का नुकसान हो रहा था। इसी चीज को ध्यान में रखकर तहसील दफ्तर से अब तक हुए रेंट एग्रीमेंट की डिटेल मांगी गई है। इसके साथ ही नियम थोड़े सख्त भी किए गए हैं, जिससे लोग प्रॉपर्टी टैक्स के नाम पर नगर निगम को चूना न लग पाएं।
- कुलजीत सिंह बेदी, डिप्टी मेयर, नगर निगम मोहाली।