मोहाली। नेशनल हाईवे-205 के तहत मोहाली के आईटी सिटी चौक से कुराली तक बनाए जा रहे नेशनल हाईवे रोड़ के लिए एक्वायर की जाने जमीन के मुआवजे का मामला गर्मा गया है। सोमवार को करीब आठ गांव के जमीन मालिकों ने सेक्टर-76 स्थित डीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि एक्वायर की जाने वाली उनकी जमीन का मुआवजा मार्केट रेट के हिसाब से दिया जाए। जमीन मालिक प्रति एकड़ 4 करोड़ 22 लाख रुपये से कम मुआवजा नहीं लेंगे। अगर उनके साथ धक्केशाही की गई तो किसान पक्का संघर्ष शुरू कर देंगे और मामले को अदालत तक ले जाने से पीछे नहीं हटेंगे।
जानकारी के मुताबिक उक्त नेशनल हाईवे - 205 की सड़क के लिए गांव नगारी, गीगेमाजरा, गुडाणा, ढेलपुर, गोबिदंगढ़, चडियाला सूंदा और गिदड़पुर समेत कई गांवों की जमीन एक्वायर की जा रही है। किसान नेता रणबीर सिंह ग्रेवाल और अन्य ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर मोहाली के साथ बैठक में किसानों ने अपना पक्ष रख दिया है। इस मौके पर उन्हें बताया गया है कि मोहाली तहसील के इन गांवों की जमीन एक्वायर करते समय इस बात को ध्यान में रखा जाए कि मोहाली में पुडा जमीन एक्वायर करते समय किसानों को लैंड पूलिंग ऑप्शन देता है। इसके तहत किसानों को एक शोरूम और एक रिहायशी प्लॉट दिया जाता है। जिसकी मार्केट में कीमत 10 से 12 करोड़ रुपये बन जाती है। किसानों ने डीसी को कहा कि वह 12 करोड़ से नीचे और 4 करोड़ 22 लाख रुपये प्रति एकड़ कीमत से ऊपर ही अपनी जमीन देंगे। इससे कम कीमत किसी भी सूरत में पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। जमीन के लिए नई अवार्ड धारा- 28/7 बनाई गई है। किसानों की पांच सदस्यों की कमेटी बनाकर किसानों से सलाह करके अवार्ड बनाए जाएं। किसान नेताओं ने बताया कि उन्होंने संयुक्त किसान मोर्चे के साथ तालमेल जारी किया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही पंजाब के नेताओं से मिलकर मुआवजे के लिए रणनीति बनाई जाएगी।
इस अवसर पर सुरिंदर सिंह गोबिंदगढ़, दर्शन सिंह नगारी, जरनैल सिंह, हरबंस सिंह गीगेमजार, मनप्रीत सिंह, हरविंदरद सिंह, भगवानि सिंह, बेअंत सिंह, हरविंदर सिंह, काका सिंह, बलजिंदर सिंह और अन्य किसान मौजूद थे।