जीरकपुर। राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद नगर काउंसिल की सोमवार को पहली बैठक हुई। इसमें वर्ष 2022-23 के लिए 117 करोड़ 50 लाख रुपये का बजट पास किया गया। पिछले साल 98 करोड़ का बजट पास किया गया था। इस बार के बजट में विकास कार्यों के लिए 80 करोड़ रुपये (68 फीसदी) का बजट पास किया गया है।
काउंसिल प्रधान उदयवीर सिंह ढिल्लों की प्रधानगी में हुई बैठक में अगले वित्तीय वर्ष के लिए कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया। बैठक के दौरान काउंसलरों ने पिछले वर्ष खर्च किए बजट का विवरण सार्वजनिक किए जाने की मांग की। राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद हुई बैठक में कांग्रेसी पार्षदों के तेवर बदले नजर आए। सभी पार्षदों ने बजट का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कर दिया है। अब इसे अंतिम मंजूरी के लिए स्थानीय निकाय विभाग को भेजा जाएगा।
जीएसटी, प्रॉपर्टी टैक्स, विज्ञापनों व तहबाजारी फीस से होगी आमदनी
नगर परिषद के प्रधान उदयवीर ढिल्लों ने कहा कि हमें आमदनी पैदा करने के लिए जीएसटी, बिजली से प्राप्त चुंगी, प्रॉपर्टी टैक्स, बिल्डिंग एप्लिकेशन, इश्तिहारबाजी, लाइसेंस, वाटर एंड सीवरेज, एडिशनल एक्साइज ड्यूटी व तहबाजारी फीस पर फोकस करना होगा। वर्ष 2021-22 में नगर परिषद का प्रॉपर्टी टैक्स एकत्रित करने का लक्ष्य 7.28 करोड़ रुपये था जबकि 28 फरवरी 2022 तक 8.83 करोड़ की आमदन हुई है जो लक्ष्य से करीब डेढ़ करोड़ रुपये अधिक है। 31 मार्च तक यह आमदन 9.64 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। इसी तरह विज्ञापनों में अनुमानित 9 लाख रुपये के मुकाबले 5.24 लाख रुपये की आमदन हुई। इस वर्ष विज्ञापनों के लिए 6 लाख का बजट पास किया गया है। सबसे बड़ा झटका बिजली से प्राप्त चुंगी से लगा, जहां आय 50 लाख रुपये आंकी गई थी लेकिन नगर परिषद को एक रुपये की कमाई नहीं हुई। वर्ष 2022-23 में दोबारा 50 लाख रुपये का बजट पास हुआ है। वैट/जीएसटी के 19 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद थी लेकिन 18.28 करोड़ रुपये की आमदन हुई। इस बार जीएसटी के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है। वर्ष 2021-22 में बिल्डिंग एप्लिकेशन के लिए 55 करोड़ का बजट पास हुआ था जहां उम्मीद से बढ़कर 83 करोड़ की आमदन हो चुकी है। इस बार वर्ष 2022-23 के लिए 80 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ है। एडिशनल एक्साइज ड्यूटी के लिए वर्ष 2021-22 में 70 लाख रुपये का बजट पास हुआ था पर यहां आमदन कम 52.98 लाख रुपये हुई जिसे देखकर इस बार बजट घटाकर 60 लाख रुपये रखा गया है।
खाली पद भरने के लिए 32.35 करोड़ का फंड
नगर काउंसिल ने जहां 80 करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए खर्च करने की योजना तैयार की है। वहीं अन्य खर्चों में नगर काउंसिल के अलग-अलग विंग के लिए वर्ष 2022-23 में 34.50 करोड़ का बजट रखा गया है, जोकि संभावित बजट का 30 फीसदी बनता है। जिन खाली पदों को मंजूरी मिल चुकी है, उसके लिए 32.35 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है। नए पदों के लिए 2.15 करोड़ रुपये पास किए गए हैं। इमरजेंसी फंड (कंटनजेंसी) के लिए वर्ष 2022-23 के लिए 2.50 फीसदी बजट पास किया गया है। यह अनुमानित बजट आमदन का 2 फीसदी बनता है।
बैठक में सिर्फ मुद्दों पर हुई बात
आम आदमी पार्टी की सरकार आने के बाद काउंसिल की हुई पहली बैठक में इस बार अकाली दल व कांग्रेस के पार्षद के एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहते थे पर इस बार बैठक में सिर्फ विकास पर चर्चा हुई। इस बार अकाली-कांग्रेस दोनों विपक्ष में पहुंच गए हैं और वे बैठक में चुपचाप सब सुनते रहे।