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शातिर ठग पीरू से पीड़ितों ने सीएम को पत्र भेज पुलिस से न्याय दिलाने की मांग

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हलवारा। खुद को लेफ्टिनेंट कर्नल बताकर पंजाब सहित 10 राज्यों के 1000 से अधिक युवाओं को सेना में भर्ती करवाने के नाम पर उनसे करोड़ों रुपये ठगने वाले सेना के बर्खास्त सिपाही प्रदीप सिंह पीरु उर्फ सरवण सिंह उर्फ संदीप सिंह गिल से पीड़ित लोग इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। 16 जुलाई, 2020 को पीरु द्वारा ठगे गए 150 से अधिक पीड़ितों में से अभी सिर्फ 34 की शिकायत पर थाना जोधा में 23 अक्तूबर को मुकदमा दर्ज किया गया है। उसमें भी अभी तक जांच आगे नहीं बढ़ पाई है। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर जगरूप सिंह अन्य सरकारी कामों में व्यस्त हैं और पीड़ितों को मिलने का समय नहीं दे रहे हैं। पुलिस अधिकारी पीड़ितों को पीरु के अलीगढ़ जेल में होने या न होने की पुष्टि करवाने के लिए कोशिश करने को कह रहे हैं। पीड़ितों ने मुख्यमंत्री पंजाब चरणजीत सिंह चन्नी को पत्र लिख कर इंसाफ की मांग की है।
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शिकायतकर्ता चन्नन सिंह वासी फल्लेवाल ने बताया कि पहले तो 15 महीने बाद उनका मुकद्दमा दर्ज हुआ और अब जांच आगे नहीं बढ़ रही है। ललतों कलां के बुजुर्ग हरदीप सिंह भी पीरु द्वारा ठगे गए हैं। वो 15 महीने से लुधियाना पुलिस कमिश्नर दफ्तर से थाना डिवीजन नंबर 6 के चक्कर काट रहे हैं। मुकदमा दर्ज करना तो दूर पुलिस ने उनके बयान तक दर्ज नहीं किए हैं। हरदीप सिंह पुलिस कमिश्नर सहित थाना डिवीजन नंबर 6 सहित ललतों पुलिस चौकी में भी शिकायत दे चुके हैं। पीरु ने हरदीप सिंह के बेटे मंजीत सिंह उनकी बेटी और पुत्रवधू को सेना में अफसर रैंक में भर्ती करवाने का झांसा दिया था। तीनों को भर्ती करवाने के लिए 12 लाख में सौदा हुआ था। हरदीप ने एक फाइनेंस कंपनी में अपना सारा सोना गिरवी रखकर यह रकम ली थी। हरदीप ने बताया कि वो 15 महीने से उस रकम का भारी भरकम ब्याज भर रहे हैं।
लुधियाना जिला कचहरी में टाइपिस्ट का काम करने वाले ललतों कलां के दीपक कुमार ने ही मध्यस्थता कर उनकी जान पहचान पीरु से करवाई थी। लुधियाना गुरु नानक देव खेल स्टेडियम में जब पीरु भर्ती की ट्रेनिंग करवाता था, उस दौरान भी दीपक पीरु के साथ ही रहता था। उन्होंने पुलिस को सुबूत दिए, लेकिन उनकी शिकायत पर 15 महीने बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गईं है। अब उन्होंने मुख्यमंत्री पंजाब चरणजीत सिंह चन्नी को पत्र लिख कर इंसाफ की मांग की है।
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