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इस्सेवाल सामूहिक दुष्कर्म मामला : पीड़िता बोली- जल्द लौटूंगी अपने घर, नए सिरे से शुरू करूंगी जिंदगी

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लुधियाना/हलवारा। इस्सेवाल सामूहिक दुष्कर्म मामले की पीड़िता ने फैसला आने के बाद कहा कि मै तो अंदर से मर चुकी थी.....अब फिर से जिंदा हो गई हूं। पीड़िता ने पुलिस प्रशासन, जिला अदालत के साथ उन सभी का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने आरोपियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में अपना सहयोग दिया।
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पीड़िता ने कहा कि अब वह अपने शहर लुधियाना लौट आएगी। उसने कहा कि इस घटना के बाद भारी मानसिक तनाव की वजह से मैने अपना घर और शहर छोड़ दिया था। विधवा मां को उसके हाल पर छोड़कर घर छोड़ दिया था। मेरी मां जो मेरा एक ही सहारा थी उसे छोड़ कर जाना आसान नहीं था।
लुधियाना मे रहकर हर एक दिन गुजारना मुश्किल हो रहा था। 9 फरवरी 2019 की रात जो हुआ उसे सिर्फ वो खुद महसूस कर सकती है, लफ्जो में बयां नहीं किया जा सकता। घटना के दौरान वो 20 वर्ष की थी। ये तीन साल बीते मानों सदियां से काटे हों। घटना के बाद बेशक़ उसने सबसे मुकाबला किया पर अंदर से टूट गई। मानसिक आघात के चलते डिप्रेशन मे चली गई। घर से निकलना बंद कर दिया। सारा दिन बेड पर लेटी रहती थी। रात को उठकर पागलों की तरह सर पटकती। पंजाब पुलिस की नौकरी ठुकरा कर आखिर मैं राजस्थान के जयपुर शहर चली गई।
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वहां कई माह प्राइवेट जॉब की और अब दिल्ली आ गई हूं। दिल्ली मे दो माह से दो जगह काम कर रही हूं। अब घर लौट आऊंगी। लुधियाना आकर अपना पसंदीदा काम करूंगी। मैंने नेल आर्ट ब्यूटीशियन का कोर्स किया है उसी मे अपना भविष्य बनाउंगी। अपने पैरो पर खड़ा होना चाहती हूं। एक डर भी है। आरोपियों के परिजन पहले भी उसे केस वापस लेने के लिए धमकाते रहे हैं। करोड़ो रुपये का लालच दिया पर उसने समझौता नहीं किया। अब सभी आरोपियों को सजा मिल गई है, इसलिए उसकी जान को खतरा और बढ़ गया गया।
धमकी और घर मे जबरदस्ती दाखिल होकर रुपये का लालच देने के दो अलग मुकदमे थाना सराभा नगर और दाखा मे पंजीकृत किए गए थे। उनका फैसला आना अभी बाकी है। पीड़िता ने कहा कि वो देश छोड़ कर कही विदेश मे बस जाना चाहती है। पीड़िता ने कहा कि वह जल्द अपने घर लुधियाना लौटेगी और नए सिरे से जिंदगी की शुरुआत करेगी। पीड़िता के दोस्त ने बताया कि आज वो जिला अदालत की स्पेशल फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट मे फैसला सुनाए जाने के वक़्त जज रश्मि शर्मा को लिखित एप्लीकेशन देकर सुरक्षा की मांग करना चाहता था लेकिन कानून का हवाला देकर वकीलों ने उसे रोक दिया।
अब वो सीपी लुधियाना को लिखित अर्जी देकर सुरक्षा की मांग करेगा। पीड़ित के दोस्त ने बताया कि आरोपियों के परिजन और करीबी उसका पीछा करते रहे है और ट्रायल के दौरान लगातार उसे धमकी देते आ रहे है। उसके पास अपनी हिफाजत के लिए लाइसेंस शुदा हथियार भी नहीं है। हथियार का लाइसेंस बनवाने के लिए सरकारी दफ़्तरों के चक़्कर काट थक चुका हूं।
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