बुधवार को पीड़िता ने यह कहते अपनी शिकायत को वापस ले लिया कि उसे कांग्रेस नेता कंवलजीत कड़़वल और शिअद नेता ढांडा ने ब्लैकमेल कर आगे किया था। अब वह अपनी शिकायत वापस ले रही है। इसके बाद लिप नेताओं ने हरीष राय ढांडा के खिलाफ अपना मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को लिप समर्थक सुखबीर बादल और हरीष राय ढांडा का पुतला फूंकने भाईवाल चौक पहुंचे। उसी समय दुष्कर्म का मामला दर्ज करवाने वाली महिला अपने बेटे के साथ बैंस का विरोध करने पहुंच गई।
हरीष राय ढांडा ने कहा कि पुलिस जांच के नाम पर चार माह तक मामला लटकाती रही है, जबकि दुष्कर्म के आरोपी खुल्लेआम घूम रहे है। मामला दर्ज करने वाली पीड़िता के पिता को पहले कार से टक्कर मार मारने का प्रयास किया गया, उसका सहयोग करने वाले और बेटे पर अंबाला में एक झूठा मामला दर्ज करवाया गया। उसे मामला वापस लेने के लिए धमकाया गया।
वह हैरान है कि अदालत के आदेश पर मामला दर्ज होने के बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही है। हाईकोर्ट में उनकी याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत दो बार पुलिस से कार्रवाई की रिपोर्ट मांग चुकी है। अब सुनवाई कर रहे जज का तबादला होने के कारण दोबारा बेंच नहीं बनी है लेकिन अब वह इस केस से पीछे नहीं हटेंगे। जब तक विधायक बैंस को जेल नहीं पहुंचा देते चाहे उन्हें सुप्रीम कोर्ट की शरण में क्यों न जाना पड़े।