वित्तमंत्री ने खुलासा किया कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी, उस समय पंजाब के सिर पर दो लाख करोड़ रुपये का कर्ज था। अब यह कर्ज 2.75 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। उन्होंने दावा किया कि आमदनी के अनुसार कर्ज की मात्रा कम है। यह सब हमने कर दिखाया है। अभी एक दिन ऐसा नहीं आया कि सरकार को ओवर ड्राफ्ट (ओडी) करना पड़ा हो। जबकि अकाली दल की सरकार के समय हर दूसरे दिन ओडी की समस्या झेलनी पड़ रही थी। इस समय पंजाब सरकार 12 से 14 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीद कर लोगों को सप्लाई कर रही है।
पंजाब में बिजली किल्लत के सवाल पर बादल ने कहा कि पंजाब के पास तीस दिन का स्टाक था, अब दो दिन का स्टाक बचा है। पंजाब में 80 फीसदी बिजली का उत्पादन कोयले पर निर्भर है। फिर भी सरकार 12 से 14 रुपये प्रति यूनिट बिजली खरीद कर लोगों को सप्लाई कर रही है। भविष्य में हम बिजली उत्पादन का तरीका बदलने जा रहे हैं। इसमें सोलर, गैस का प्लान कर रहे है। कोयले का भाड़ा सबसे महंगा पड़ता है, प्रति यूनिट दो रुपये तो कोयले का भाड़ा ही पड़ता है।
पांच रुपये यूनिट बिजली और राजनीतिक पार्टी के फ्री बिजली देने के सवाल पर बादल ने कहा कि इस समय पंजाब के लोगों को बिजली बिल सबसे ज्यादा परेशान कर रहे हैं। दिवाली तक सरकार कुछ न कुछ राहत देने की योजना बन रही है। फिलहाल यह नहीं बताया जा सकता है कि राहत क्या होगी।
कैप्टन के रुखस्त होने का समय आ गया था
कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू की तरफ से कैप्टन सरकार पर कुछ नहीं करने जैसे सवाल खड़े करने पर मनप्रीत बादल कुछ बचते नजर आए। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि पुरानी पीढ़ी को नई पीढ़ी के लिए रास्ता छोड़ना पड़ता है। कैप्टन साहब इस समय 78 साल के हो चुके हैं, जबकि नए मुख्यमंत्री चन्नी की उम्र 58 साल है। इसलिए कैप्टन अमरिंदर सिंह के रुखस्त होने का समय आ गया था। उन्होंने 21 साल कांग्रेस पार्टी को लीड किया है, साढ़े नौ साल वह प्रदेश के सीएम रह चुके है। अब नई पीढ़ी को आगे लाने का समय आ गया था।