शनिवार-रविवार रात ढाई बजे ब्रह्मपुर गांव स्थित पानी की टंकी पर चढे़ बजुर्ग दंपती भोला सिंह और मंजीत कौर की तबियत खराब होती जा रही है। पक्खोवाल सिविल अस्पताल की टीम भी कल से ही गांव की पानी वाली टंकी पर मौजूद है।
मेडिकल टीम के डॉ. शिराज मोहम्मद ने बुजुर्ग दंपती की सेहत जांच करने के बाद बताया कि भोला सिंह और मंजीत कौर का शुगर लेवल सामान्य से बहुत ज्यादा हो गया है। मंजीत कौर का ब्लड प्रेशर भी बहुत ज्यादा है। दोनों के शरीर में काफी दर्द है और बुखार भी है।
डॉ. शिराज मोहम्मद ने बताया कि वो हर घंटे बाद पुलिस और प्रशासन को दंपती की सेहत के बारे में रिपोर्ट दे रहे हैं और दिन में कई बार दोनों की जांच की जा रही है। वो और उनकी टीम बुजुर्ग दंपती को पानी की टंकी से नीचे उतर जाने के लिए मोटिवेट कर रही है लेकिन वे नहीं मान रहे।
रविवार को उन्हें मनाने के लिए पहुंचे तहसीलदार सतनाम सिंह और थाना प्रभारी नरिंदर सिंह भी बैरंग लौट गए थे। टंकी के पास फायर ब्रिगेड दस्ता और एम्बुलेंस भी तैनात है। थाना सदर रायकोट और चौकी लोहटबद्दी के पुलिस मुलाजिम भी तैनात किए गए हैं।
यह है मामला
संगरूर के गांव चांगली वासी भोला सिंह की रायकोट के गांव ब्रह्मपुरा के सतनाम सिंह के साथ दूर की रिश्तेदारी है। 2023 में सतनाम सिंह की बेटी हरप्रीत कौर मलेशिया के रास्ते अमेरिका गई थी। सतनाम सिंह, उसकी पत्नी परमजीत कौर, बेटे जगपाल सिंह और छोटी बेटी हरजोत कौर ने भोला सिंह के बेटे जयपाल को अमेरिका भेजने के लिए 30 लाख रुपये में सौदा किया था। 25 लाख रुपये में बात तय हो गई।
जयपाल सिंह के अनुसार उसके पिता भोला सिंह ने जमीन बेचकर 21 लाख और बाकी का कर्ज लेकर कुल 25 लाख रुपये आरोपियों को दिए थे। इस दौरान 19 अगस्त 2023 को अमेरिका के एक मॉल में हरप्रीत कौर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। कत्ल के दो महीने बाद हरप्रीत कौर के शव का अंतिम संस्कार करने के लिए हरजोत कौर भी अमेरिका चली गई। हरजोत कौर के अमेरिका जाने के बाद सतनाम सिंह का परिवार विश्वास दिलाता रहा कि उसे भी जल्द भेज दिया जाएगा, लेकिन न ही उनके 25 लाख रुपये वापस किए और ना ही अमेरिका भेजा।
दबाव बढ़ने पर आरोपियों ने 4 लाख रुपये वापस कर दिए और बाकी 21 लाख रुपये देने से इंकार कर दिया। दो जनवरी को जयपाल ने एसएसपी संगरूर को आरोपियों के खिलाफ शिकायत कर दी। 20 अप्रैल को सतनाम सिंह, उसके बेटे जगपाल सिंह और बेटी हरजोत कौर के खिलाफ थाना सदर धूरी में 420, 406 और 120-बी में मुकदमा पंजीकृत कर दिया गया। जेल जाने के डर से सतनाम सिंह ने उनके साथ समझौता कर लिया और 21 लाख देने का लिखित इकरार भी कर लिया था लेकिन जमानत पर बाहर आने के बाद पैसे लौटाने से इंकार कर दिया।
जयपाल का आरोप है कि सरकार और पुलिस प्रशासन उन्हें इंसाफ नहीं दे रहा। उल्टा आरोपी सतनाम सिंह ने मदद कर रहे समाजसेवी भाना सिद्धू समेत 21 लोगों के खिलाफ धमकाने, कब्जा करने की कोशिश और निजी संपत्ति पर बैठने के कानूनी नोटिस भेज दिए हैं। ये नोटिस भाना सिद्धू, भोला सिंह, मंजीत कौर उनके बेटे जयपाल सिंह समेत ब्रह्मपुर और उनके गांव चांगली वासियों को भेजे गए हैं। पीडित जयपाल ने पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय में तीनों आरोपियों की अग्रिम जमानत रद्द करवाने की याचिका दायर की है जिसपर 11 दिसंबर को सुनवाई होनी है।