विश्व हिंदू परिषद के नेता अनिल अरोड़ा ने पूछताछ के दौरान कई खुलासे किए है। इस मामले में आरोपी श्री गुरु नानक देव जी और उनके पिता के बारे में अपशब्द बोल कर खुद धार्मिक स्थानों पर माथा टेकता रहा और मन्नत मांगता रहा। श्री गुरु नानक देव जी के खिलाफ बोलने की उसे माफी नहीं मिली और वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
आरोपी पुलिस से बचने के लिए पहले पंचकूला फरार हुआ। वहां कुछ दिन रहने के बाद वह दिल्ली और वहां से उसने धार्मिक स्थानों की यात्रा शुरू कर दी। वह कभी ऋषिकेश तो कभी वृंदावन तो कभी हरिद्वार की यात्रा करता रहा ताकि किसी तरह से पुलिस की नजरों से बच सके।
पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और भी कई खुलासे होने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार श्री गुरु नानक देव जी और उनके पिता के बारे में बोलने के बाद जब इस मामले में कार्रवाई हुई तो आरोपी तुरंत ही अपने घर से फरार हो गया था। घर से फरार होने के बाद आरोपी पंचकूला पहुंचा।
वहां से दिल्ली और दिल्ली से धार्मिक स्थानों पर माथा टेक मन्नतें मांगता रहा। धार्मिक स्थानों की यात्रा करने के बाद वह फिर दिल्ली पहुंच गया और वहां से फिर पंचकूला। आरोपी ने पुलिस से पूछताछ के दौरान बताया कि उसके पास डेढ़ से पौने दो लाख रुपये की नकदी थी। जो वह खर्च करता रहा। इसके अलावा उसके पास दस लाख रुपये की नकदी थी।
मगर वह नगदी के बारे में पुलिस को पता चल गया था और पुलिस ने इस मामले में आरोपी के साथी को गिरफ्तार कर दस लाख रुपये बरामद कर लिए थे। अब आरोपी के पास पैसे खत्म हो रहे थे और उसे कहीं से मदद भी नहीं मिल रही थी। जिस कारण वह यात्रा करने के बजाय पंचकूला में ही बैठा रहा। जिसके बारे में पुलिस को सूचना मिल गई तो उसे काबू कर लिया गया।