अरविंद केजरीवाल का विरोध करता व्यक्ति।
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पंजाब में चल रही राजनीतिक उठापटक के बीचे बुधवार दोपहर बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लुधियाना पहुंचे। इससे पहले उनका काफिला लुधियाना के एक होटल के अंदर पहुंच पाता कुछ युवा उनकी गाड़ी के आगे आ गए। हाथ में बैनर लेकर युवाओं ने उनकी गाड़ी को रोकने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें किसी तरह पीछे धकेल दिया।
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युवाओं ने केजरीवाल मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए पंजाब के पानी और खेती कानूनों पर अपना स्टैंड स्पष्ट करने की मांग की। युवाओं का आरोप है कि वीआईपी कल्चर का विरोध करने वाले केजरीवाल खुद अपने साथ निजी बाउंसर लेकर चल रहे हैं। गांव थ्रीके से आए युवा सोनी पंडित सबसे पहले केजरीवाल की गाड़ी के आगे आकर खड़ा हो गया लेकिन वह उनकी चलती गाड़ी को पूरी तरह से रोक नहीं पाया।
सोनी पंडित ने बताया कि अरविंद केजरीवाल दोहरा स्टैंड अपनाए हुए हैं। पंजाब में आकर कहते हैं कि पंजाब का पानी बाहर नहीं जाना चाहिए लेकिन जब हरियाणा जाते तो वहां जाकर पानी लाने की बात करते हैं। केंद्र सरकार के तीन काले कानून पर भी यह दोहरा मापदंड अपना रहे हैं। एक तरफ कहते हैं कि काले कानून रद्द होने चाहिए तो दूसरी तरफ दिल्ली में इन कानूनों को लागू कर रखा है।
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धान की कटाई के बाद उठने वाले धुएं को लेकर भी केजरीवाल पंजाब के किसानों को बदनाम करते हैं। दिल्ली में होने वाले प्रदूषण के लिए पंजाब के किसानों को जिम्मेदार बताया जाता है। इससे साफ है कि केजरीवाल भाजपा की बी टीम के तौर पर काम कर रहे है। इन मुद्दों को लेकर ही वह विरोध करने पहुंचे थे। उन्होंने साफ किया कि वह किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़े हैं, बल्कि खुद पंजाब के मुद्दों को लेकर केजरीवाल से उनका स्टैंड स्पष्ट करने के लिए पहुंचे थे।