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दुखद : पंजाबी कलाकार सतीश कौल का निधन, लुधियाना में ली अंतिम सांस, आ गए थे कोरोना की चपेट में

Sat, 10 Apr 2021 03:50 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)

सार

  • लंबे समय से बीमार चल रहे थे सतीश कौल
  • कई पंजाबी, हिंदी फिल्मों में कर चुके थे काम
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सतीश कौल - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पॉलीवुड के अमिताभ बच्चन कहे जाने वाले मशहूर पंजाबी कलाकार सतीश कौल का शनिवार को लुधियाना में निधन हो गया। कुछ दिन से दरेसी स्थित भगवान राम चैरिटेबल अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था, वे कोरोना संक्रमित भी थे। 

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सतीश कौल ने तकरीबन 300 हिंदी और पंजाबी फिल्मों में काम किया है। लोकप्रिय धारावाहिकों महाभारत, सर्कस और विक्रम बेताल में भी उन्होंने अलग-अलग किरदार निभाए थे। महाभारत में उनकी इंद्र देव की भूमिका से उन्हें काफी प्रशंसा मिली। वे अभिनेता अमिताभ बच्चन और दिलीप कुमार के साथ काम कर चुके हैं। इसके बावजूद उनकी जिंदगी फकीरी में गुजरी।

जानकारी के अनुसार शादी के एक साल बाद ही सतीश कौल का तलाक हो गया था। पत्नी ने दूसरी शादी कर ली और बेटे को साथ ले गई। लगभग आठ साल से सतीश कौल की देखभाल उनकी प्रशंसक सत्या देवी कर रही थीं। बुरे से बुरे वक्त में भी सत्या देवी ने उनका साथ दिया। वर्ष 2015 में सतीश कौल गिर गए थे, जिस वजह से उनके कूल्हे की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया था, इससे वे उबर नहीं पाए। एक समय ऐसा भी आया कि उनके पास दवा और किराया देने के भी पैसे नहीं बचे।
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फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट से की पढ़ाई
सतीश कौल ने 1969 में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से पढ़ाई की। जया बच्चन, डैनी, आशा सचदेव, अनिल धवन जैसे कई कलाकार उनके बैचमेट थे। पढ़ाई पूरी करने के बाद सतीश कौल को कई पंजाबी फिल्मों में बतौर हीरो काम करने का मौका मिला। हिंदी फिल्मों में भी हाथ आजमाया लेकिन कामयाबी नहीं मिली। उन्होंने दिलीप कुमार, देव आनंद, विनोद खन्ना जैसे बॉलीवुड के तमाम अभिनेताओं के साथ काम किया लेकिन असली शोहरत उन्हें पंजाबी सिनेमा से मिली।

एक्टिंग स्कूल में डूब गए थे 20 लाख रुपये
पंजाबी फिल्मों से दूर होने के बावजूद सतीश कौल के अंदर का कलाकार हमेशा जिंदा रहा। उन्होंने लुधियाना में एक एक्टिंग स्कूल भी खोला था लेकिन वो ज्यादा देर तक चल नहीं सका। आखिरकार इस काम में उन्हें 20 लाख रुपये का घाटा सहन करना पड़ा था। इस घाटे के बाद उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई। इसके बाद वह लगभग चार साल लुधियाना के मॉडल टाउन स्थित एक वृद्धाश्रम में भी रहे। वहां से उनकी प्रशंसक सत्या देवी उन्हें अपने साथ ले गई थीं।

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