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बहिबल गोलीकांड में जान गंवाने वाले दो सिख नौजवानों को श्रद्धांजलि अर्पित

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फरीदकोट। बहिबल कलां गोलीकांड में जान गंवाने वाले दो सिख नौजवानों किशन भगवान सिंह व गुरजीत सिंह सरावां की 6वीं बरसी पर वीरवार को गांव बहिबल कलां के गुरूद्वारा टिब्बी साहिब में श्रद्धांजलि समारोह करवाया गया। इस दौरान धार्मिक व राजनीतिक नेताओं ने घटना के छह साल बाद भी पीड़ित परिवारों को इंसाफ न मिलने पर सरकार को घेरा। तो वहीं, पीड़ित परिवारों ने राजनीतिक नेताओं से साल 2022 के चुनाव में बेअदबी व गोलीकांड की घटनाओं को चुनावी मुद्दा न बनाने की अपील की। समारोह में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग व अरदास के उपरांत अकाली दल अमृतसर के प्रधान सिमरनजीत सिंह मान, राष्ट्रीय महासचिव जसकरण सिंह काहन सिंह वाला, स्वर्गीय किशन भगवान सिंह के बेटे सुखराज सिंह, कोटकपूरा से आप विधायक कुलतार सिंह संधवां, जैतो से आप विधायक मास्टर बलदेव सिंह, गोलीकांड मामले की एसआईटी के पूर्व सदस्य व सेवामुक्त आईजी कुवंर विजय प्रताप सिंह समेत कई नेताओं ने गोलीकांड में जान गंवाने वालों को नमन किया। सुखराज सिंह ने कहा कि अब उन्हें किसी भी सरकार से इंसाफ की उम्मीद नहीं रही। जो भी राजनीतिक पार्टी साल 2022 के चुनाव में बेअदबी व गोलीकांड की घटनाओं को चुनावी मुद्दा बनाएगी, उसका विरोध किया जाएगा।
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कोटकपूरा में मनाया गया लानत दिवस
बहिबल कलां व कोटकपूरा गोलीकांड पर दरबार-ए-खालसा के प्रमुख व सिख प्रचारक हरजिंदर सिंह मांझी की अगुवाई में घटना वाली जगह पर लानत दिवस मनाया गया। सबसे पहले नितनेम का पाठ करके संदेश दिया गया कि 14 अक्टूबर 2015 को भी सिख संगत नितनेम का पाठ कर रही थी। लेकिन, उस समय की अकाली सरकार ने संगत पर पुलिस से गोली चलवाई। कोटकपूरा में सैंकड़ों लोग घायल हुये। इस मौके पर हरजिंदर सिंह मांझी ने कहा कि अकाली दल की सरकार ने तो क्या इंसाफ देना था, इस मुद्दे पर सत्ता में आए कैप्टन अमरिंदर सिंह भी इंसाफ देने में विफल रहे। अब मुख्यमंत्री चन्नी से कोई ज्यादा उम्मीद नहीं है।
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