फिरोजपुर। हरियाणा से दो माह पहले गुम हुए एक सोलह वर्षीय बच्चे को चाइल्ड लाइन के सदस्यों ने उसके मां-बाप को सौंप दिया। यह बच्चा अपने परिवारिक सदस्यों को बिना बताए हरियाणा से लुधियाना पहुंच गया था।
यहां दो माह कामकाज करने के बाद चंडीगढ़ की ट्रेन से फिरोजपुर पहुंच गया था। जिसको आरपीएफ ने पकड़कर पूछताछ की तो पता चला कि यह बच्चा घर से भागा है। रेलवे चाइल्ड लाइन के को-आर्डिनेटर अमनदीप सिंह ने बताया कि ट्रेन से मिले इस सोलह वर्षीय बच्चे को आरपीएफ ने उनको सौंपा है।
काउंसलिंग के दौरान बच्चे ने अपना नाम संदीप निवासी जलोपुर, रतिया (हरियाणा) बताया है। पिता का नाम काली दास है। हरियाणा से लुधियाना पहुंच गया। यहां पर रेडीमेड की दुकान पर दो माह काम किया। बारह अक्तूबर को चंडीगढ़ से फिरोजपुर आ रही ट्रेन में बैठ गया और फिरोजपुर पहुंच गया। ट्रेन में एक बच्चे को बैठा देख आरपीएफ ने उससे पूछताछ शुरू की।
पूछताछ दौरान पता चला कि बच्चा हरियाणा से घर से भागा है। संदीप ने बताया कि उसका भाई रतिया में किसी बेकरी में काम करता है। अमनदीप ने बताया कि इंटरनेट के माध्यम से गूगल पर सर्च कर रतिया में बेकरी का पता लगाया और उस पर मालिक का मोबाइल नंबर अंकित था।
मालिक से संपर्क कर संदीप के भाई के बारे में पूछा तो मालिक ने बताया कि उसका छोटा भाई पिछले दो माह से घर से गायब है। परिवार के सदस्य उसकी तलाश कर रहे हैं। चाइल्ड लाइन और बाल भलाई कमेटी के सदस्यों की उपस्थित में बच्चे को उसके अभिभावकों के हवाले किया है। इस मौके पर बाल भलाई कमेटी के सदस्य जगजीत सिंह, सुरेंद्र पाल सिंह व दमनप्रीत कौर उपस्थित थे।