मोगा। थाना सिटी साउथ के अधीन पड़ते गांव मंडीरावाला निवासी कोआपरेटिव सोसाइटी के सचिव की ओर से खुदकुशी करने के मामले में पुलिस ने आठ माह बाद एक किसान के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपी किसान पर आरोप है कि पैसों के लेनदेन को लेकर वह सोसायटी के सचिव को लगातार परेशान कर रहा था, जिसके चलते खुदकुशी से पहले मृतक ने सुसाइड नोट में आरोपी किसान को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
जांच कर रहे थाना प्रभारी बलजीत सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता सुरिंदर सिंह निवासी गांव मंडीरावाला ने पुलिस को दर्ज करवाए बयान में कहा कि उसके पिता इकत्तर सिंह (56) गांव धूड़कोट कलां की कोआपरेटिव सोसाइटी में बतौर सचिव नौकरी करते थे। 17 अगस्त 2021 को शिकायतकर्ता के पिता ने कीटनाशक दवा निगलकर खुदकुशी कर ली थी।
पिता की मौत के बाद परिवार ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर पुलिस से धारा 174 के तहत कार्रवाई करवा ली थी, लेकिन उसी दिन देर शाम शिकायतकर्ता को अपने पिता के बैग में एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें लिखा था कि गांव धूड़कोट कलां का किसान जसविंदर सिंह पैसों के लेनदेन को लेकर लगातार उन्हें परेशान कर रहा है। जिस कारण वह अपनी जीवन लीला समाप्त करने जा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने तुरंत सुसाइड नोट पुलिस अधिकारियों को दे दिया।
पुलिस ने सुसाइड नोट की पुष्टि करने के लिए नोट को मोहाली फोरेंसिक लैब में भेज दिया। करीब तीन माह बाद सुसाइड नोट की पुष्टि हुई और इसी दौरान विधानसभा चुनाव में व्यस्त होने के कारण मामला फिलहाल रुक गया। मगर पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस के पास लगातार लगाई जा रही इंसाफ की गुहार को देखते हुए पुलिस ने आरोपी किसान जसविंदर सिंह के खिलाफ खुदकुशी के लिए मजबूर करने की धारा 306 के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। जांच अधिकारी के अनुसार जल्द ही आरोपी को अदालत में पेश कर उसका पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि मामले की जड़ तक पहुंचा जा सके।