कुछ देर बाद एक अन्य स्टाफ नर्स वहां पहुंची तो दोनों को खून से लथपथ देख भागी और अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर को रात करीब सवा एक बजे फोन कर वारदात की जानकारी दी। इसके बाद डॉक्टर कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचकर देखती हैं तो बलजिंदर की मौत हो चुकी थी, जबकि ज्योति की सांसें चल रही थीं, जिसे घई अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब स्टाफ वहां सिक्योरिटी गार्ड को ढूंढने निकला तो पता चला कि वह तो गायब है।
हॉस्टल में एक स्थायी सिक्योरिटी गार्ड था लेकिन बुधवार रात वह कहीं चला गया। प्रभारी परमदीन खान ने बताया कि सिक्योरिटी गार्ड की तलाश की जा रही है। उसके मिलने के बाद ही कुछ पता चलेगा। मृतका बलजिंदर कौर के पिता जगतार सिंह और मां सुखवंत कौर ने बताया कि उन्हें सुबह 7 बजे पुलिस का फोन आया कि आपकी बेटी का कत्ल हो गया है। इसके बाद से परिवार सदमे में है, उन्होंने किसी पर भी हत्या का शक नहीं जताया।
परिजनों ने बताया कि बेटी पिछले 3 साल से यहां काम कर रही है, उसने भी किसी के साथ विवाद की बात नहीं की। उनके साथ गांव जोधा के सरपंच दलजीत सिंह आए, जिन्होंने बताया कि लड़की या उसके परिवार का कोई विवाद नहीं था और परिवार बेहद गरीब था लेकिन उनकी गांव में बहुत इज्जत है। लड़की के भाई बिक्रमजीत सिंह और इंद्रजीत का भी किसी से कोई विवाद नहीं है। मौके पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
वहीं दूसरी तरफ ज्योति की माता हरजिंदर कौर ने बताया कि उनको सुबह चार बजे एक गुरजीत नाम की लड़की का फोन आया था। उसने कहा कि उनकी बेटी पर किसी ने हमला कर घायल कर दिया है। बता दें कि, ज्योति के पिता खेतीबाड़ी का काम करते हैं। ज्योति 3-4 महीने पहले ही अस्पताल में स्टाफ नर्स लगी थी और बलजिंदर के साथ रूम शेयर कर रही थी। बुधवार को बलजिंदर की सेहत ठीक न होने पर दोनों नीचे नहीं आई थी, जिसके बाद ही उन्हें दूसरी नर्स देखने ऊपर गई थी।
पुलिस ने सीसीटीवी व मोबाइल कॉल्स से सुलझाया हत्याकांड
नर्स बलजिंदर कौर हत्याकांड पुलिस ने सुलझा लिया है और हत्यारोपी की पहचान कर ली गई है। पुलिस के हाथ सीसीटीवी फुटेज लगी थी, जिसकी बिनाह पर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों को चेक करना शुरू किया। इस दौरान पुलिस ने बलजिंदर कौर के मोबाइल कॉल्स को खंगाला तो हत्यारे की पहचान हो गई। पुलिस को जो सीसीटीवी फुटे मिली है, उसमें हत्यारोपी भागता नजर आ रहा था।
मेरी बहन की हत्या में अस्पताल वालों की भी मिलीभगत
पुलिस ने मृतका बलजिंदर कौर के भाई इंदरजीत सिंह के बयान कमलबद्ध किए। जिसमें इंदरजीत सिंह ने कहा कि उसकी बहन की हत्या की मौत के जिम्मेदार अस्पताल प्रबंधक भी हैं, जिनकी मिलीभगत है। बलजिंदर कौर को 23 अगस्त को चिकित्सक ने फोन कर घर से वापस बुलाया था।