अमृतसर। विदेश में रहने वाले पंजाबियों की संपत्ति यहां सुरक्षित नहीं। भूमाफिया एनआरआई की संपत्तियों पर हमेशा नजरें गढ़ाए रहता है और मौका मिलने पर या तो संपत्ति पर कब्जा कर लिया जाता है और फिर उसे किसी दूसरे को बेच दिया जाता है। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को पुलिस राहत कैंप के दौरान सामने आया है। पुलिस कमिश्नर डा. सुखचैन सिंह गिल की हिदायतों पर अमृतसर कमिश्नरेट में अलग-अलग थानों में शुक्रवार को राहत कैंप का आयोजन कर पुलिस थानों में लंबित शिकायतों का निपटारा किया गया।
पुलिस के सामने आए मामले के मुताबिक दो महिलाएं नीना रंजन और जसविंदर संधू दोनों सहेलियां हैं और दोनों ही लंदन में रहती हैं। दोनों ने मिलकर वर्ष 2012 में शहर की पॉश कालोनी रंजीत एवेन्यू में एक कोठी खरीदी और फिर वापस लंदन चलीं गईं। सितंबर 2018 में दोनों सहेलियों ने अपने रिश्तेदार मालवीय रोड निवासी राकेश शर्मा और संदीप कुमार के नाम पावर आफ अटार्नी कर दी और तब से वे भारत नहीं आईं, लेकिन इनके पीछे से किसी ने उनकी कोठी किसी को बेच दी।
मालवीय रोड के राकेश शर्मा और संदीप कुमार ने पुलिस राहत कैंप में पुलिस अधिकारियों को बताया कि उनकी रिश्तेदार नीना रंजन और जसविंदर संधू लंदन में रहती हैं। दोनों सहेलियों ने अपनी रंजीत एवेन्यू इलाके की कोठी की पावर आफ अटार्नी 2018 में उनके नाम कर दी। इस पावर आफ अटार्नी के आधार पर उन्होंने जब बैंक से कर्ज के लिए आवेदन दिया तो उनसे कोठी की फर्द मांगी गई। उन्होंने जब फर्द निकलवाई तो वे हैरान रह गए कि उनकी रिश्तेदार महिलाओं की कोठी श्याम नगर के हरपाल सिंह की बेटी जश्नप्रीत कौर के नाम हो चुकी थी।
पीड़ित शिकायतकर्ताओं ने जब इसमें जांच की तो पता चला कि लुधियाना के सराभा नगर की स्वर्ण कौर ने 30 दिसंबर 2018 को इस कोठी की रजिस्ट्री जसप्रीत कौर के नाम पर कर दी थी। उन्होंने इसमें पुलिस अधिकारियों से इंसाफ की गुहार लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की है। पुलिस कमिश्नर डा. सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि विदेशों में रहने वाले एनआरआई पंजाबियों की संपत्ति की सुरक्षा की जाएगी। उन्होंने उक्त मामले में जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी कही है।