अमृतसर। लोकसभा सदस्य गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि यूक्रेन में फंसे बच्चों के लिए सिमरनजीत सिंह मान को सोच-समझ कर बयान देना चाहिए। यहां से बच्चे पढ़ने के लिए वहां गए हैं न कि लड़ने के लिए। औजला ने यह बात सोमवार को अपने निवास पर पहुंचे यूक्रेन में फंसे बच्चों के परिजनों को मिलने के बाद मीडिया से कही। इससे पहले रविवार रात औजला ने पीएम मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के नाम ट्वीट कर बच्चों को भारत लाने की बात कही थी।
औजला ने कहा कि वे यूक्रेन में फंसे बच्चों के परिजनों के साथ लगातार संपर्क में हैं और उन्हें हौसला दे रहे हैं। औजला ने बताया कि यूक्रेन में पढ़ने के लिए गए सभी बच्चों को वापस भारत लाया जाएगा और इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दो-तीन दिनों में वे दिल्ली जाकर इस संबंधी केंद्र सरकार से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों के परिजनों को यूक्रेन से आने वाले फोन पर लगातार नजर रखी जा रही है। बच्चों के नाम संदेश में कहा कि वे सुरक्षित ठिकानों पर ही रहें और बार-बार ठिकाना नहीं बदलें। तभी उन्हें सुरक्षित लाया जा सकेगा, जब भारत सरकार के पास उनकी लोकेशन का पूरा ब्योरा होगा।
उन्होंने सिमरनजीत सिंह मान के बयान के जवाब में कहा कि बच्चे वहां पढ़ने गए हैं न कि लड़ने। हमारे पंजाब के बच्चों ने यूक्रेन का नमक खाया है तो उसके बदले में भारत की मेहनत की कमाई यूक्रेन को देकर उसका कर्ज चुकाया है। इस संबंधी मान को बयान सोच-समझ कर ही देना चाहिए। उन्होंने बच्चों के परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे चिंता नहीं करें, भारत सरकार यूक्रेन में फंसे सभी बच्चों को भारत लाएगी।
यूक्रेन में फंसी लड़की की माता मनिंदर कौर तथा एक लड़की के भाई जतिंदर ढिल्लों ने अन्य परिजनों के साथ औजला से मदद की गुहार लगाते हुए जल्द से जल्द यूक्रेन में फंसे बच्चों को सुरक्षित भारत लाने की अपील की। उन्होंने बताया कि बच्चे उन्हें फोन कर वहां के हालातों से अवगत करवा रहे हैं और बता रहे हैं कि भारतीय छात्रों के पास खाने-पीने का भी सामान खत्म हो चुका है और उनकी जिंदगी को खतरा है। परिजनों के सामने औजला ने प्रधानमंत्री को फोन किया, जो वायस मेल में चला गया। इससे पहले रविवार की रात उन्होंने देश के प्रधानमंत्री तथा रक्षा मंत्री को ट्वीट कर यूक्रेन में फंसे बच्चों को भारत लाने की बात कही थी।