तीन अगस्त की रात मजीठा रोड स्थित केडी अस्पताल में हुए राणा कंधोवालिया हत्याकांड में कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिला शहरी सीआईए स्टाफ ने इस हत्याकांड से जुड़े तीन महत्वपूर्ण आरोपियों के गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से दो पिस्तौल तथा 12 कारतूस भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए एक आरोपी ने खुलासा किया है कि तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर जगदीप सिंह उर्फ जग्गू भगवानपुरिया ने एक महीना पहले राणा कंधोवालिया हत्याकांड की योजना बनाई थी।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मूल रूप से गांव फूलका व हाल में बटाला के डेरा बाबा रोडल स्थित गांव चाहल कलां निवासी गुरमिंदरजीत सिंह उर्फ हैपी शाह, शूकरपुरा मोहल्ला की गली नंबर 1 के ननित शर्मा उर्फ सौरव तथा थाना मेहता के गांव गगड़भाना के गुरप्रीत सिंह उर्फ हैपी के रूप में बताई है। पुलिस ने गुरमिंदरजीत सिंह उर्फ हैपी से 1 पिस्तौल और 5 कारतूस तथा ननित शर्मा उर्फ गौरव से 1 पिस्तौल तथा 7 कारतूस बरामद करने का दावा भी किया है।
डीसीपी (इंवेस्टीगेशन) मुखविंदर सिंह भुल्लर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी गुरमिंदरजीत सिंह ने पूछताछ में बड़े खुलासे किए हैं। इसने कबूला है कि इस हत्याकांड के पीछे जग्गू भगवानपुरिया का ही हाथ है। जग्गू भगवानपुरिया ने करीब एक महीना पहले गोल्डी बराड़ से मिलकर रणदीप सिंह उर्फ राणा कंधोवालिया की हत्या की योजना बनाई थी। गोल्डी बराड़ के कहने पर ही मोनू डांगर, दीपक उर्फ दीपू और एक अन्य अज्ञात लड़का निवासी हरियाणा आए थे। भगवानपुरिया के कहने पर उसने जगरोशन सिंह हुंदल, मनी रइया, मनदीप सिंह उर्फ तूफान उर्फ डाक्टर संधू निवासी सुंदर नगर बटाला के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया है।
डीसीपी भुल्लर ने बताया कि पूछताछ में गुरमिंदरजीत सिंह ने बताया कि राणा कंधोवालिया हत्याकांड को अंजाम देने के दौरान वह जख्मी हो गया। ननित शर्मा, सुखराज मल्ली, खड़क सिंह उर्फ लाडी, जगतार सिंह, प्रभजोत चट्ठा, गुरप्रीत सिंह उर्फ हैपी निवासी बटाला, वरिंदरपाल सिंह विक्की निवासी चूंग थाना मेहता ने डाक्टर जोहल अस्पताल बटाला से उसका इलाज करवाया और उसे छुपने में मदद भी की। आरोपी गुरमिंदरजीत ने यह भी बताया कि पहले उन्होंने 31 जुलाई को उन्होंने राणा कंधोवालिया को रंजीत एवेन्यू जिम के निकट मारने की योजना बनाई, लेकिन वहां पीसीआर की गाड़ी खड़ी होने और पुलिस की गतिविधियां होने के चलते वे कामयाब नहीं हो सके तो केडी अस्पताल तक कंधोवालिया का पीछा किया।
डीसीपी ने बताया कि गुरमिंदरजीत सिंह उर्फ हैपी ने पूछताछ में बताया कि 31 जुलाई की शाम राणा कंधोवालिया के साथ बहुत लड़के होने के कारण कंधोवालिया पर हमला नहीं कर सके और वापस लौट गए थे। उन्होंने बताया कि आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर इनके बाकी आपराधिक गतिविधियों के बारे में पूछताछ की जाएगी।