एक अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र में भाई काहन सिंह नाभा जी रचित महान कोष के संबंध में छपी खबर के बारे में एसजीपीसी मुख्य सचिव एडवोकेट हरजिंदर सिंह धानी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर से कहा है कि वे महान कोष छापने से पहले शिरोमणि कमेटी के साथ संपर्क करें, ताकि भविष्य में कोई विवाद नहीं हो।
पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला से महान कोष की दोबारा छपाई के समय बहुत खामियां उजागर हुई थीं, जिस पर शिरोमणि कमेटी और संगतों ने एतराज जताया था। इसके बाद पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इसकी बिक्री पर रोक लगा दी थी। बाद में यूनिवर्सिटी की ओर से इसे पूरी तरह से खत्म करने का फैसला हुआ था। एडवोकेट धामी ने कहा कि भाई काहन सिंह नाभा जी का महान कोष सिख जगत के साथ संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जिसमें गुरमति के सिद्धांत मुताबिक अलग-अलग विषयों बाबत बताया गया है।